इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कर दिया है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान के कब्जे वाले इलाकों से पीछे नहीं हटेगी। इसराइल वहां अपनी मौजूदगी जारी रखेगा ताकि उत्तरी इलाकों के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और सैन्य ऑपरेशन लगातार जारी हैं।

Benjamin Netanyahu ने बताया कि Israel Defense Forces (IDF) को किसी भी खतरे को रोकने के लिए पूरी छूट है। उन्होंने कहा कि यह ‘security zone’ तब तक बना रहेगा जब तक इसकी ज़रूरत होगी। Defence Minister Israel Katz ने भी इसी बात का समर्थन किया और कहा कि अगर अमेरिका भी सेना हटाने की मांग करता है, तब भी इसराइल पीछे नहीं हटेगा।

इसराइल ने अपनी इस कार्रवाई को अपनी सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यह कदम ईरान के खिलाफ उनकी रणनीतिक स्थिति को मज़बूत करता है। प्रधानमंत्री ने यह भी साफ़ किया कि उनकी लड़ाई लेबनान देश से नहीं, बल्कि Hezbollah से है, जिसे वे ईरान का मोहरा मानते हैं।

मैदानी हालात की बात करें तो 26 जून 2026 तक इसराइल के हमले दक्षिणी लेबनान में जारी रहे। Hezbollah ने आरोप लगाया है कि इसराइल ने उन आम लोगों को निशाना बनाया जो अपने घरों को लौट रहे थे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। इसराइल की सेना लेबनान की सीमा के अंदर करीब 10 किलोमीटर तक तैनात है, जिसकी शुरुआत 16 मार्च 2026 को हुई थी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं:

  • UN Security Council: Resolution 1701 के मुताबिक इसराइल को अपनी सेना हटानी चाहिए और लेबनान के सशस्त्र समूहों को निशस्त्र होना चाहिए।
  • UNIFIL: यह संगठन लगातार इसराइल की सेना को हटाने और लेबनानी सेना को तैनात करने की मांग कर रहा है।
  • UK सरकार: ब्रिटेन ने इसराइल की कार्रवाई को ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ा हुआ बताया है और दोनों पक्षों से शांति की अपील की है।
  • जर्मनी: जर्मनी के विदेश मंत्री ने इसराइल की बढ़त पर चिंता जताई है, लेकिन इसे Hezbollah के हमलों का जवाब भी माना है।

भले ही 2024 और 2026 में कई बार युद्धविराम (ceasefire) के समझौते हुए, लेकिन ज़मीन पर लड़ाई खत्म नहीं हुई। अमेरिका और ईरान के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है ताकि लेबनान में सैन्य ऑपरेशन को खत्म किया जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.