Israel का कड़ा रुख, गाजा में सैन्य मोर्चे से पीछे हटने से किया साफ़ इंकार, शांति प्रस्ताव पर लटकी तलवार

गाजा पट्टी में चल रहे तनाव के बीच इजराइल ने अपनी सेना को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। इजराइल सरकार ने साफ कर दिया है कि वह गाजा में अपनी मौजूदा सैन्य तैनाती से बिल्कुल पीछे नहीं हटेगा और अपने देश के लोगों तथा सैनिकों की सुरक्षा के लिए लगातार जरूरी कार्रवाई करता रहेगा। इस कड़े रुख के सामने आने के बाद से इलाके में शांति बहाल करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यरुशलम में हुई अहम बैठक और विरोध
गाजा में हमास के निरस्त्रीकरण के लिए एक नया बोर्ड ऑफ पीस बनाया गया है, जिसकी रूपरेखा पर इजराइल ने सार्वजनिक रूप से अपना कड़ा विरोध जताया है। इजराइल के इस साफ रुख के बावजूद, बोर्ड ऑफ पीस के गाजा मामलों के उच्च प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव और वरिष्ठ सलाहकार आर्ये लाइटस्टोन ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से खास मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान इन अधिकारियों ने इजराइल से अनुरोध किया था कि वह गाजा में अपने सैन्य अभियानों को रोक दे और शांति योजना की शर्तों को मान ले।
समझौते की शर्तों पर बढ़ा विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ऑफ पीस और कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इजराइल के इस तरह से पीछे हटने से मना करने पर गहरी नाराजगी और असंतोष जताया है। इन अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे समझौते की शर्तों और नियमों के बारे में इजराइल को कई महीनों पहले ही पूरी जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बाद भी अब तक दोनों पक्षों के बीच किसी भी बात पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे युद्ध के हालात और ज्यादा उलझते जा रहे हैं।
अनिश्चितता के घेरे में शांति प्रयास
एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजा में शांति लाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं, तो दूसरी तरफ इजराइल अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए किसी भी समझौते के तहत अपनी सेना को हटाने से मना कर रहा है। इजराइल के इस सख्त और अडियल रवैये की वजह से आने वाले समय में शांति समझौते का भविष्य पूरी तरह से अधर में लटक गया है और वहां के हालात पर हर किसी की नजर बनी हुई है।