अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने और व्यापारिक रास्ते खोलने के लिए एक शुरुआती समझौता हुआ है। लेकिन इसराइल ने साफ कर दिया है कि वह इस डील का हिस्सा नहीं है और उसकी शर्तों को मानने के लिए मजबूर नहीं है। इसराइल की सरकार ने कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए लेबनान और अन्य इलाकों में हमले जारी रखेंगे।

जानकारी के मुताबिक 15 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है। इस डील का मकसद युद्धविराम को आगे बढ़ाना और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है। इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में होंगे। इसके तहत 60 दिनों का युद्धविराम तय किया गया है ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम के स्टॉक जैसे मुद्दों पर बात हो सके।

इसराइल ने ठुकराया समझौता

इसराइल की साइंस मिनिस्टर और राजनीतिक-सुरक्षा कैबिनेट की सदस्य Gila Gamliel ने सोमवार को कहा कि इसराइल इस समझौते से बंधा हुआ नहीं है। उन्होंने साफ किया कि इसराइल लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेगा जब तक कि वह पूरी तरह निशस्त्र नहीं हो जाता। Gamliel ने यह भी सुझाव दिया कि इसराइल को लेबनान से और ज़्यादा ज़मीन पर कब्ज़ा करना चाहिए।

प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से कहा कि इसराइल लेबनान से जुड़े किसी भी नियम को नहीं मानेगा और अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाता रहेगा। Netanyahu ने यह भी बताया कि इसराइल को परमाणु डील की पूरी शर्तें नहीं पता हैं, फिर भी वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकेगा।

अन्य मंत्रियों और देशों का क्या कहना है

इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। वहीं नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir और फाइनेंस मिनिस्टर Bezalel Smotrich ने इस डील को इसराइल और दुनिया के लिए बुरा बताया। उन्होंने कहा कि इसराइल ईरान के खिलाफ अपनी लड़ाई अकेले ही लड़ता रहेगा।

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस डील की पुष्टि की है और Netanyahu को ईरान के साथ युद्ध फिर से शुरू न करने की चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि समझौता तो हुआ है लेकिन इसे शुक्रवार को साइन होने के बाद ही लागू किया जाएगा। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर इस डील का उल्लंघन हुआ तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे।

  • पाकिस्तान ने इस डील में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres और ब्रिटेन व जर्मनी के नेताओं ने इस समझौते का स्वागत किया है।
  • इस डील की खबर आने के बाद दक्षिण लेबनान में इसराइल ने फिर से हमले किए हैं।
  • UK Maritime Trade Operations ने बताया है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी 19 जून तक जारी रहेगी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.