Israel Prisoners Release: इसराइल ने छोड़े 35 फ़िलिस्तानी कैदी, हिरासत में यातना और दुर्व्यवहार के लगे गंभीर आरोप

इसराइल ने गाजा पट्टी में 35 फ़िलिस्तानी कैदियों को रिहा कर दिया है, जिससे परिवारों के लिए एक भावनात्मक पुनर्मिलन का क्षण देखने को मिला। यह घटना 17 अगस्त 2026 को सामने आई, जब कैदियों को रिहाई के बाद उनके घर भेजा गया। हालांकि इस रिहाई के बावजूद, अभी भी 9,400 से अधिक फ़िलिस्तानी इसराइली हिरासत केंद्रों में बंद हैं। अक्टूबर 2023 के बाद से हिरासत में 100 से अधिक कैदियों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिससे मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
हिरासत केंद्रों में दुर्व्यवहार और मानवाधिकारों का उल्लंघन
मानवाधिकार संगठनों जैसे B'Tselem और Euro-Mediterranean Human Rights Monitor ने अपनी रिपोर्टों में यह बताया है कि कैदियों के साथ व्यवस्थित रूप से दुर्व्यवहार किया जाता है। इन रिपोर्ट्स के अनुसार कैदियों को नग्न रखना, मारपीट करना और सोने न देना जैसी नीतियां अपनाई जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के टॉर्चर मामलों के विशेष rapporteur Alice Jill Edwards ने भी कई मामलों में दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के दस्तावेज़ तैयार किए हैं। इसराइली नेशनल मिनिस्टर ऑफ़ सिक्योरिटी Itamar Ben Gvir ने सार्वजनिक रूप से जेल की कड़ी स्थितियों का बचाव किया है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय निकायों ने इसराइली जेल सेवा की कड़ी आलोचना की है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्च आयुक्त कार्यालय सहित कई वैश्विक संगठनों ने इन हालातों को अंतरराष्ट्रीय मानकों और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। लगातार सामने आ रही इन रिपोर्टों ने दुनिया भर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। जेल के अंदर की इन कठिन परिस्थितियों और मौतों के आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसराइल की नीतियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद अब भी धुंधली बनी हुई है।