Jerusalem News: इसराइल ने अल-अक्सा मस्जिद के पास दमिश्क गेट का साइनबोर्ड हटाया, शहर में तनाव बढ़ा

इसराइली अधिकारियों ने कब्जे वाले पूर्वी येरुसलम के पुराने शहर के इलाके में स्थित ऐतिहासिक दमिश्क गेट के साइनबोर्ड को हटा दिया है। यह ऐतिहासिक क्षेत्र वह स्थान है जहां प्रसिद्ध अल-अक्सा मस्जिद परिसर भी शामिल है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं क्योंकि यह मामला शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हुआ है।
येरुसलम शहर में साइनेज और बोर्ड लगाने के नियम येरुसलम म्युनिसिपल बाय-लॉ (साइनबोर्ड) 2019 के तहत तय किए जाते हैं। इन नियमों में सुंदरता और बोर्ड लगाने के खास मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है। हालांकि इसराइली कानून के तहत, जो कि साल 2002 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित है, सूचना देने वाले सभी बोर्डों पर हिब्रू भाषा के साथ-साथ अरबी भाषा लिखना भी जरूरी है, लेकिन इसके बावजूद इन बोर्डों का रखरखाव और प्रबंधन हमेशा से विवादों और बहसों का एक बड़ा कारण बनता रहा है। फिलिस्तीनी नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने हमेशा से इस तरह से बोर्ड हटाए जाने का विरोध किया है। उनका मानना है कि इन सब गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य पूर्वी येरुसलम की अरबी और इस्लामी पहचान को धीरे-धीरे बदलना है।
सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील रहा है यह क्षेत्र
दमिश्क गेट का इलाका सुरक्षा मामलों और ऑपरेशनों के लिए हमेशा से एक संवेदनशील जगह रहा है। फरवरी 2018 में जब इस जगह पर एक नया सुरक्षा वॉचपोस्ट लगाया गया था, तब यहां पर काफी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसके अलावा हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर अल-अक्सा मस्जिद परिसर के अंदर भी लोगों के आने-जाने पर पाबंदियां और सख्ती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने इससे पहले इस धार्मिक स्थल को मुस्लिम नमाजियों के लिए लगातार 24 दिनों तक बंद रखा था, जो कि मार्च 2026 में जाकर खुला था। इसके बाद 23 जुलाई 2026 को लगभग 1,300 इसराइली यहूदी सेट्टलर्स, नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन-गवीर के साथ इस परिसर के अंदर दाखिल हुए थे और वहां पर ताल्मुडिक अनुष्ठान किए थे।
क्षेत्रीय कूटनीति और सीरिया पर बड़ा घटनाक्रम
ये घटनाएं एक ऐसे समय में हो रही हैं जब इस पूरे इलाके में कूटनीतिक गतिविधियां बहुत तेज चल रही हैं। जिस दिन यह साइनबोर्ड हटाया गया, उसी दिन सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने इसराइल के साथ सुरक्षा समझौते और सीरियाई जमीन से सेना की संभावित वापसी को लेकर बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई। इसके साथ ही ठीक उसी दिन यानी 23 अगस्त 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका ने सीरिया को आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों की सूची से हटाने का बड़ा कदम उठाया।