इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को निशाना बनाने की योजना अचानक नहीं बनी थी, बल्कि यह फैसला महीनों पहले ले लिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने नवंबर 2025 में ही इस ऑपरेशन को मंजूरी दे दी थी।

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इस हमले को अंजाम देने के लिए इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर काम किया। 28 फरवरी 2026 को हुए इस जॉइंट ऑपरेशन में खामेनेई की मौत की पुष्टि की गई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कब और कैसे बदला गया हमले का समय?

शुरुआत में इस ऑपरेशन को जून 2026 के आसपास अंजाम देने का प्लान था। लेकिन ईरान में सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इसे पहले ही करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह सही मौका था जब अमेरिका में Trump प्रशासन के साथ मिलकर इसे पूरा किया जा सकता था।

इस ऑपरेशन को इजरायल ने ‘Operation Roaring Lion’ और अमेरिका ने ‘Operation Epic Fury’ नाम दिया था। प्लान में बदलाव करके इसे फरवरी में ही शिफ्ट कर दिया गया, जिससे ईरान को संभलने का मौका नहीं मिला।

अगले लीडर के लिए भी जारी हुई चेतावनी

इजरायल ने साफ कर दिया है कि खामेनेई के बाद जो भी नया सुप्रीम लीडर बनेगा, वह भी सुरक्षित नहीं होगा अगर उसने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ दुश्मनी जारी रखी। रक्षा मंत्री Katz ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगला उत्तराधिकारी भी टारगेट पर होगा।

इसके साथ ही इजरायली सेना ने Qom में Assembly of Experts की बिल्डिंग पर भी हमले किए हैं। इसका मकसद नए लीडर के चुनाव की प्रक्रिया को रोकना या बाधित करना है। तेहरान में भी कई सुरक्षा केंद्रों पर हमलों की खबरें आ रही हैं।

गल्फ में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा असर?

इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान और उसके समर्थक गुटों की तरफ से जवाबी कार्रवाई की आशंका है, जिससे हवाई यात्रा और समुद्री रास्तों पर असर पड़ सकता है। Strait of Hormuz के आसपास व्यापारिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

गल्फ देशों में रहने वाले या यात्रा करने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे फ्लाइट्स की स्थिति चेक करते रहें। मौजूदा हालात को देखते हुए एयरस्पेस में बदलाव हो सकते हैं, जिससे उड़ानों में देरी या रद्द होने की संभावना बन सकती है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com