Iraq के रेगिस्तान में इसराइल ने चुपके से अपने मिलिट्री बेस बनाए थे. New York Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन चलाने के लिए एक साल से ज्यादा समय तक इन गुप्त अड्डों का इस्तेमाल किया. इस खबर के सामने आने के बाद Iraq में काफी गुस्सा है और वहां की सरकार इस मामले की जांच कर रही है.

Iraq में इसराइल के खुफिया बेस का क्या मामला है?

Wall Street Journal ने सबसे पहले 9 मई 2026 को Iraq के पश्चिमी रेगिस्तान में एक खुफिया बेस की खबर दी थी. इसके बाद 17 मई 2026 को New York Times ने खुलासा किया कि इसराइल ने वहां कम से कम दो गुप्त मिलिट्री पोस्ट बनाए थे. इन अड्डों की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इसराइल ने इन ठिकानों को तैयार करने का काम 2024 के अंत में शुरू किया था.
  • इन बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ चलाए गए Operation Rising Lion और Operation Roaring Lion में किया गया.
  • इन गुप्त ठिकानों पर इसराइल के स्पेशल फोर्स, रेस्क्यू टीम, हेलीकॉप्टर और एक लैंडिंग स्ट्रिप मौजूद थी.
  • इनका मुख्य काम ईरान के खिलाफ हमलों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट देना था.

Iraq सरकार और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

शुरुआत में Iraq की सेना ने करबला और नजफ के रेगिस्तानों में किसी भी विदेशी सैन्य मौजूदगी से इनकार किया था. लेकिन बाद में Iraq के अधिकारियों ने New York Times को दूसरे गुप्त बेस की मौजूदगी की बात कन्फर्म की. इस मामले में अलग-अलग पक्षों के बयान इस प्रकार हैं:

  • Iraq सरकार: जॉइंट ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर Lt. Gen. Qais al-Muhammadawi ने इस ऑपरेशन को लापरवाह बताया और कहा कि यह बिना किसी मंजूरी के किया गया था. Iraq की संसद अब इस मामले की जांच करेगी.
  • USA: अमेरिका को कम से कम एक बेस की जानकारी थी, लेकिन उसने दावा किया कि Iraq के सैनिकों पर हुए हवाई हमलों में उसका कोई हाथ नहीं था.
  • Israel: इसराइल ने सुरक्षा कारणों से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, हालांकि पूर्व एयर फोर्स चीफ Tomer Bar ने ईरान के साथ संघर्ष के दौरान स्पेशल फोर्स के कुछ खास ऑपरेशन्स का जिक्र किया था.

इन गुप्त अड्डों की वजह से क्या विवाद हुए?

इन खुफिया ठिकानों की वजह से जमीन पर कई हिंसक घटनाएं भी हुईं. मार्च 2026 की शुरुआत में Awad al-Shammari नाम के एक चरवाहे ने इन साइट्स पर संदिग्ध सैन्य गतिविधि और हेलीकॉप्टर देखे थे. उसके परिवार का मानना है कि इस जानकारी को उजागर करने की कोशिश के कारण उसे मार दिया गया. इसके अलावा 5 मार्च 2026 को Iraq की सुरक्षा बलों और कुछ अज्ञात गुटों के बीच रेगिस्तान में मुठभेड़ भी हुई थी, जिसे बाद में इन गुप्त बेस से जोड़कर देखा गया.

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने Iraq में गुप्त बेस क्यों बनाए थे?

इसराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन चलाने और अपनी स्पेशल फोर्स को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के लिए Iraq के रेगिस्तानी इलाकों में ये खुफिया ठिकाने बनाए थे.

Iraq सरकार का इस मामले पर क्या रुख है?

Iraq सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन माना है. Lt. Gen. Qais al-Muhammadawi ने इन ऑपरेशन्स को बिना मंजूरी के किया गया लापरवाह कदम बताया और संसद अब इसकी जांच कर रही है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com