इसराइल की आंतरिक सुरक्षा कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक आज हुई। इस बैठक में ईरान और लेबनान के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह मीटिंग पहले कुछ कारणों से टल गई थी, जिसे अब पूरा किया गया है। पूरी दुनिया इस समय मिडिल ईस्ट के इस तनाव को करीब से देख रही है क्योंकि यहाँ छोटी सी गलती बड़े युद्ध का रूप ले सकती है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने के मूड में नहीं है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी करके युद्धविराम की शर्तों को तोड़ा है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण कभी नहीं छोड़ेगा। उनके मुताबिक अमेरिकी प्रस्ताव गंभीर नहीं हैं और वास्तविकता से दूर हैं।
पाकिस्तान और इसराइल का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
इस विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान ने बीच-बचाव की कोशिश तेज कर दी है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की और बताया कि नाकेबंदी की वजह से बातचीत में रुकावट आ रही है। वहीं, इसराइल को डर है कि अगर ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध हटाए गए, तो ईरान की सरकार और ज्यादा मजबूत हो जाएगी, जिससे इसराइल की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
महत्वपूर्ण तारीखें और घटनाक्रम
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू हुआ। |
| 13 अप्रैल 2026 | इसराइल ने साफ किया कि हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। |
| 14 अप्रैल 2026 | वॉशिंगटन में इसराइल और लेबनान के बीच सीधी बात हुई, लेकिन युद्धविराम पर कोई सहमति नहीं बनी। |
| 15 अप्रैल 2026 | इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट की बैठक हुई, पर लेबनान युद्धविराम पर कोई फैसला नहीं हो पाया। |
| 20 अप्रैल 2026 | सुरक्षा कैबिनेट की दोबारा बैठक हुई जिसमें ईरान और लेबनान के ताजा मुद्दों पर चर्चा की गई। |
| 22 अप्रैल 2026 | ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने की तारीख। |
लेबनान में शांति की क्या उम्मीद है?
लेबनान में युद्धविराम को लेकर स्थिति अभी भी उलझी हुई है। इसराइल की मांग है कि लेबनान में शांति तभी आएगी जब हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को पूरी तरह निशस्त्र किया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि लेबनान में शांति तभी संभव है जब अमेरिका और ईरान के बीच आपसी समझौता होगा। इसराइल ने स्पष्ट किया है कि उसका मकसद लेबनान के लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि आतंकी संगठनों को खत्म करना है।
