मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। खबर आ रही है कि इसराइल ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों यानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा हमला करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से संपर्क किया है और वहां से हरी झंडी मांगी है। इस बात की जानकारी हिब्रू मीडिया आउटलेट माआरिव ने अपनी रिपोर्ट में दी है। इस बीच, 7 जून 2026 को ही ईरान ने भी इसराइल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और गहरा गया है।
क्या है इसराइल का प्लान और ट्रंप का इस पर क्या रुख है
इसराइल काफी समय से ईरान के तेल और गैस ठिकानों जैसे कि खार्ग द्वीप और साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने इसराइल से तेल ठिकानों पर हमला न करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद इसराइल ने इन जगहों पर सीधे हमले से परहेज किया था। लेकिन अब आई ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इसराइल इन महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका से मंजूरी लेने की कोशिश में जुटा है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ किया है कि अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को तुरंत नहीं हटाएगा और अगर बातचीत फेल होती है तो कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और बड़ी चेतावनी
इसराइल द्वारा दक्षिणी लेबनान और बेरूत के उपनगरीय इलाके दहियाह पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने भी मोर्चा खोल दिया है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका द्वारा किया गया ब्लॉक और इसराइल को दी गई खुली छूट के बाद अब पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकाने और इसराइली संपत्तियां ईरान के लिए वैध निशाना बन चुकी हैं। ईरानी सांसद इब्राहिम रजाई ने भी चेतावनी दी है कि दहियाह पर हुए हमले का इसराइल को दर्दनाक और करारा जवाब दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इसराइल ने पहले भी ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए हैं
हां, इससे पहले मार्च और अप्रैल 2026 में भी इसराइल ने इस्फ़हान, खुर्रमशहर और साउथ पार्स के पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया था ताकि ईरान की कमाई के जरिया को रोका जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी है
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम यानी एनरिच्ड यूरेनियम पूरी तरह खत्म नहीं करता और सही व्यवहार नहीं करता, तब तक प्रतिबंध नहीं हटाए जाएंगे।
