इसराइल की सेना ने गाजा के लिए मदद लेकर जा रहे जहाजों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में पकड़ लिया है। इस कार्रवाई के बाद 160 से ज्यादा एक्टिविस्टों को ग्रीस के क्रेट द्वीप पर पहुँचाया गया। यह घटना 29 और 30 अप्रैल 2026 की दरमियान हुई, जब इन जहाजों को बीच समुद्र में रोका गया।

गाजा जा रहे जहाजों के साथ क्या हुआ?

इस मिशन को ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ या ‘फ्रीडम फ्लोटिला’ के नाम से जाना जा रहा था। इसका मकसद गाजा की नाकेबंदी को तोड़कर वहाँ मदद पहुँचाना था। आयोजकों के मुताबिक, इसराइल ने जहाजों पर हिंसक छापा मारा और उनके संचार सिस्टम को जाम कर दिया। 1 मई 2026 को इसराइली सेना ने 168 सदस्यों को ग्रीस की नावों के हवाले कर दिया, जिन्हें बाद में क्रेट के एथेरिनोलैकोस पोर्ट ले जाया गया।

किन लोगों को पकड़ा गया और देशों का क्या कहना है?

इसराइल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दो एक्टिविस्ट, स्पेनिश-फिलिस्तीनी नागरिक सैफ अबू केशेकी और ब्राजील के थियागो एविला को पूछताछ के लिए इसराइल लाया गया है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने सैफ की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की। दूसरी ओर, अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने इस फ्लोटिला को ‘हमास समर्थक’ बताते हुए चेतावनी दी कि इसका समर्थन करने वालों को परिणाम भुगतने होंगे। UN मानवाधिकार कार्यालय ने इसराइल से मदद को गाजा पहुँचने देने की अपील की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून समुद्र में नागरिक जहाजों को रोकने की इजाजत नहीं देता।

इसराइल ने इस कार्रवाई की क्या वजह बताई?

इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा कि यह कार्रवाई काउंटर टेररिज्म कानून के तहत की गई। उन्होंने दावा किया कि यह फ्लोटिला UN प्रस्ताव 2803 का उल्लंघन कर रहा था, जिसके तहत मदद केवल आधिकारिक रास्तों से ही जानी चाहिए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन को ‘पूरी तरह सफल’ बताया। हालांकि, फ्लोटिला चलाने वालों ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है। जानकारी मिली है कि अभी भी 31 जहाज दक्षिणी क्रेट के पास तैर रहे हैं और वे गाजा की ओर बढ़ने की योजना बना रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने जहाजों को कहाँ और कब पकड़ा?

इसराइल की सेना ने 29 और 30 अप्रैल 2026 के बीच ग्रीस के क्रेट द्वीप से कुछ सौ समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इन जहाजों को पकड़ा।

किन लोगों को हिरासत में लिया गया है?

इसराइल ने सैफ अबू केशेकी (स्पेनिश-फिलिस्तीनी) और थियागो एविला (ब्राजीलियाई) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जबकि बाकी 160 से ज्यादा लोगों को ग्रीस भेज दिया गया।