गज़ा के लिए मदद लेकर जा रहे Global Sumud Flotilla के 200 से ज़्यादा एक्टिविस्ट्स को इसराइल ने रिहा कर दिया है। इन्हें बीच समुद्र से पकड़कर ग्रीस के Crete आइलैंड पर लाया गया था। रिहा हुए लोगों ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया।
जहाज़ को कब और कहाँ पकड़ा गया?
यह सहायता जहाज़ 12 अप्रैल 2026 को बार्सिलोना से चला था और 26 अप्रैल को सिसिली से अपनी यात्रा शुरू की। इसराइली सेना ने 29 और 30 अप्रैल की दरमियानी रात को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में, Crete आइलैंड के पास इस जहाज़ को रोका। इस घटना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- कुल रिहाई: लगभग 175 एक्टिविस्ट्स को 1 मई 2026 को ग्रीस सरकार के सहयोग से Crete आइलैंड पर उतारा गया।
- चोटें: फ्लोटिला कमेटी के मुताबिक कम से कम 31 एक्टिविस्ट्स घायल हुए हैं।
- बदसलूकी के आरोप: एक्टिविस्ट्स ने बताया कि उन्हें 40 घंटे तक जहाज़ पर रखा गया, जहाँ उन्हें खाना-पानी नहीं दिया गया और गीले फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया गया।
- शारीरिक हमला: कई लोगों को लात और घूंसे मारे गए, जिससे उनकी नाक और पसलियां टूट गईं।
कौन लोग अभी भी कैद हैं और इसराइल का क्या दावा है?
जहाँ ज़्यादातर लोगों को छोड़ दिया गया, वहीं दो मुख्य एक्टिविस्ट्स, Saif Abu Keshek (स्पेनिश नागरिक) और Thiago Ávila (ब्राज़ीलियाई नागरिक) को पूछताछ के लिए इसराइल ले जाया गया है।
- इसराइल का पक्ष: इसराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि Abu Keshek पर आतंकी संगठन से जुड़े होने और Ávila पर अवैध गतिविधियों का शक है। दोनों का नाम Popular Conference for Palestinians Abroad (PCPA) से जुड़ा है, जिसे अमेरिका ने हमास का फ्रंट बताया है।
- ब्लॉकेड का हवाला: इसराइल का कहना है कि उसने गज़ा की कानूनी समुद्री नाकाबंदी को लागू करने के लिए इस जहाज़ को रोका।
- रणनीति: इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने संकेत दिया कि एक्टिविस्ट्स को इसराइल में रखने के बजाय ग्रीस भेजने का फैसला अंतरराष्ट्रीय छवि को बचाने के लिए लिया गया था।
दुनिया के देशों ने इस घटना पर क्या कहा?
इस घटना के बाद दुनिया भर के देशों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ देशों ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया तो कुछ ने इसराइल का साथ दिया।
- संयुक्त राष्ट्र (UN): मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून विदेशी नागरिक जहाजों को बीच समुद्र में पकड़ने की अनुमति नहीं देता।
- तुर्की: तुर्की ने इस कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है और इसकी जांच शुरू कर दी है।
- स्पेन और ब्राज़ील: इन दोनों देशों ने अपने नागरिकों के ‘अपहरण’ की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
- अमेरिका: अमेरिका ने इसराइल के फैसले का समर्थन किया और इस मिशन को हमास का एक स्टंट बताया।
- इटाली: प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने अपने देश के नागरिकों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।
- Greenpeace: संस्था ने बताया कि इसराइली सेना ने पकड़ने के दौरान संचार माध्यमों (Communication channels) को जाम कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Global Sumud Flotilla क्या है और इसका मकसद क्या था?
यह एक मानवीय सहायता मिशन था जिसका मकसद गज़ा के लोगों तक जीवन रक्षक मदद पहुँचाना था। इसमें 70 से ज़्यादा देशों के एक्टिविस्ट्स शामिल थे।
किन एक्टिविस्ट्स को अभी भी इसराइल ने हिरासत में रखा है?
स्पेनिश नागरिक Saif Abu Keshek और ब्राज़ीलियाई नागरिक Thiago Ávila को इसराइल ले जाया गया है, उन पर आतंकी संगठन PCPA से जुड़े होने का आरोप है।