लेबनान के दक्षिणी हिस्से में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। 7 मई 2026 की सुबह इसराइल ने Aita al-Shaab और Ramyah इलाकों में भारी गोलाबारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तड़के के समय भारी मशीन गन से भी हमला किया गया जिससे इलाकों के बाहरी हिस्सों में काफी हलचल रही और लोग सहम गए।
लेबनान में इस हमले की मुख्य वजह क्या थी?
इसराइल और Hezbollah के बीच अप्रैल 2026 के मध्य से एक कमज़ोर युद्धविराम चल रहा था। लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर इस समझौते को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इसराइल की सेना का कहना है कि युद्धविराम के नियमों के मुताबिक उन्हें उन हमलों को रोकने का अधिकार है जो उनके खिलाफ प्लान किए गए हों या होने वाले हों। इसी संदर्भ में दक्षिणी लेबनान के इन इलाकों को निशाना बनाया गया।
हमले से पहले क्या चेतावनी दी गई थी?
इस हमले से पहले 4 मई 2026 को इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के चार कस्बों के निवासियों को तुरंत वहां से हटने की चेतावनी दी थी। लोगों को निर्देश दिया गया था कि वे कम से कम 1,000 मीटर दूर चले जाएं क्योंकि वहां सैन्य कार्रवाई होने का डर था। यह चेतावनी टेक्स्ट मैसेज, ऑटोमेटेड कॉल और सोशल मीडिया मैप्स के ज़रिए भेजी गई थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों ने इन चेतावनियों को बहुत ज्यादा व्यापक और अस्पष्ट बताया है।
क्षेत्र में तनाव और अन्य हालिया घटनाएं
- Beirut पर हमला: 6 मई 2026 को Beirut के दक्षिणी उपनगरों में इसराइल ने एयरस्ट्राइक की। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पुष्टि की कि इसका मकसद Hezbollah के एक कमांडर को खत्म करना था।
- सुरक्षा बैठक: 3 मई 2026 को लेबनानी सेना के प्रमुख Rodolphe Haykal ने अमेरिकी जनरल Joseph Clearfield से मुलाकात की। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और युद्धविराम की निगरानी करने वाली कमेटी के कामकाज को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
- नुकसान: 6 और 7 मई के बीच दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती कस्बों में आर्टिलरी और हवाई हमलों के कारण काफी संपत्ति का नुकसान हुआ और कई लोग घायल हुए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल ने किन इलाकों में हमला किया?
इसराइल ने 7 मई 2026 की सुबह लेबनान के Aita al-Shaab और Ramyah इलाकों में भारी गोलाबारी और मशीन गन से हमला किया।
लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम की क्या स्थिति है?
अप्रैल 2026 से एक नाममात्र का युद्धविराम लागू है, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर इसका उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं।