इसराइल के पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने स्वीकार किया कि 2021 से 2022 के बीच जब वे सत्ता में थे, तब इसराइल ने ईरान के अंदर हजारों Starlink सैटेलाइट इंटरनेट डिवाइस की तस्करी की थी. यह पूरा ऑपरेशन ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों की मदद के लिए चलाया गया था, ताकि इंटरनेट बंद होने के बाद भी वे दुनिया से जुड़े रहें.
यरूशलेम में आयोजित JNS International Policy Summit के दौरान 23 जून 2026 को Bennett ने यह बात बताई. उन्होंने कहा कि उनका मकसद प्रदर्शनकारियों को सोशल मीडिया और इंटरनेट की सुविधा देना था ताकि वे अपनी बात कह सकें और सरकार के खिलाफ एकजुट हो सकें. इस पहल का मुख्य लक्ष्य ईरानी नेतृत्व को कमजोर करना और लोगों तक बिना किसी रोक-टोक के जानकारी पहुँचाना था.
Bennett ने वर्तमान प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की सरकार की भी आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि उनके जाने के बाद इस काम को पूरी तरह आगे नहीं बढ़ाया गया, जिसकी वजह से बाद के प्रदर्शनों के दौरान जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं था.
दूसरी तरफ, ईरान हमेशा से यह आरोप लगाता रहा है कि इसराइल और अमेरिका उसकी आंतरिक राजनीति में दखल दे रहे हैं. ईरानी सरकार ने इंटरनेट डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर बहुत कड़े कानून बनाए हैं:
- बिना अनुमति के सैटेलाइट इंटरनेट इस्तेमाल करने पर दो साल तक की जेल हो सकती है.
- 10 से ज्यादा डिवाइस आयात करने या बेचने वालों को 10 साल तक की सजा का प्रावधान है.
- जासूसी या देश के खिलाफ काम करने के मामले में मौत की सजा तक दी जा सकती है.
बता दें कि Elon Musk की कंपनी Starlink आधिकारिक तौर पर ईरान में काम करने के लिए लाइसेंस प्राप्त नहीं है, हालांकि Musk ने पहले संकेत दिया था कि वहां यह सेवा चालू है. हाल ही में जनवरी के प्रदर्शनों के दौरान जब एक्टिविस्ट्स ने इन डिवाइस का इस्तेमाल किया, तो ईरान ने सैन्य उपकरणों के जरिए GPS सिग्नल को जाम कर दिया ताकि इन टर्मिनल्स को बेकार किया जा सके.
