इसराइल और लेबनान के बॉर्डर पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सीज़फ़ायर लागू होने के बावजूद एक इसराइली जवान की जान चली गई है। यह घटना ड्रोन हमले के दौरान हुई जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध विराम के दावों के बीच यह हमला बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

इसराइली जवान की मौत कैसे हुई और कौन था वह

Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि Command Sergeant Major (Res.) Alexander Glovanyov की मौत हो गई। उनकी उम्र 47 साल थी और वह Petah Tikva के रहने वाले थे। वह 6924th Transport Battalion में भारी परिवहन वाहन चालक के रूप में काम कर रहे थे। Army Radio के मुताबिक, Hezbollah के कई ड्रोन इसराइल की सीमा में घुसे और बॉर्डर के पास फट गए। IDF के सिस्टम इन ड्रोन्स को पहचान नहीं पाए जिससे जवान को पहले से कोई चेतावनी नहीं मिल सकी। वह सीज़फ़ायर के दौरान विस्फोटक ड्रोन्स से मारे जाने वाले चौथे इसराइली सैनिक हैं।

सीज़फ़ायर की स्थिति और ताजा हमले

इसराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल से सीज़फ़ायर लागू था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिशों के बाद मई के मध्य तक बढ़ाया गया था। लेकिन इस समझौते के बाद भी हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालिया अपडेट्स के मुताबिक:

  • Hezbollah ने पिछले 24 घंटों में दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना की चौकियों और वाहनों पर 24 हमले किए।
  • इन हमलों में रॉकेट, आर्टिलरी और गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
  • दूसरी तरफ, इसराइली सेना ने 10 मई को दक्षिणी लेबनान के गांवों में करीब 40 हवाई हमले किए।
  • प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान के भीतर 10 किलोमीटर के सुरक्षा क्षेत्र में काम करना जारी रखेगी।

लेबनान में जान-माल का नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी आंकड़ों में बताया है कि 2 मार्च से अब तक इसराइली हमलों में कम से कम 2,846 लोग मारे गए और 8,693 घायल हुए। सीज़फ़ायर शुरू होने के बाद यानी 16 अप्रैल से अब तक 552 लोगों की मौत हुई है और 1,149 लोग घायल हुए हैं। Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, 10 मई को बीते 24 घंटों में लेबनान में हुए हमलों में 51 लोग मारे गए, जिनमें मेडिकल स्टाफ भी शामिल थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान के बीच सीज़फ़ायर कब से लागू है

दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर 17 अप्रैल से लागू है और इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता के बाद मई के मध्य तक बढ़ाया गया था।

Hezbollah ने हमलों का क्या कारण बताया है

Hezbollah का दावा है कि उनके हमले इसराइल द्वारा सीज़फ़ायर के उल्लंघन और आम नागरिकों पर किए गए हमलों का जवाब हैं।