लेबनान के दक्षिणी इलाके में तनाव और बढ़ गया है। 15 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने UNIFIL के एक काफिले को बीच रास्ते में रोक दिया और उन्हें वापस भेज दिया। इस घटना की वजह से शांति मिशन के काम में बड़ी रुकावट आई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

काफिले के साथ क्या हुआ और कहाँ हुई यह घटना?

इज़राइली सेना ने नाकुरा के पास UNIFIL के काफिले को रोका। यह काफिला बेरूत से UNIFIL मुख्यालय जा रहा था जिसमें शांति सैनिकों के साथ-साथ जरूरी कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ भी सवार थे। सेना ने लेबनानी कॉन्ट्रैक्टर्स को वापस बेरूत जाने पर मजबूर कर दिया। UNIFIL ने बताया कि इस तरह की रुकावटें पहले भी कई बार हो चुकी हैं जहाँ रोडब्लॉक लगाकर और परमिट रद्द करके उनके रास्ते रोके गए हैं।

नियमों का उल्लंघन और अधिकारियों का क्या कहना है?

UNIFIL का कहना है कि इसराइली सेना का यह व्यवहार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के खिलाफ है। इस नियम के तहत शांति सैनिकों की सुरक्षा और उनकी आवाजाही की आजादी तय की गई है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी पाबंदियों से शांति सैनिकों की जान को खतरा हो सकता है। वहीं, इसराइल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह से मुकाबला कर रहा है और UNIFIL को युद्ध वाले इलाकों से दूर रहना चाहिए।

हाल के दिनों में हुई अन्य बड़ी घटनाएँ

लेबनान में पिछले कुछ समय से हालात काफी खराब रहे हैं। हालिया घटनाओं की लिस्ट नीचे दी गई है:

  • 12 और 13 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने UNIFIL के सामान और उपकरणों को नुकसान पहुँचाया।
  • मार्च 2026 के अंत में तीन इंडोनेशियाई शांति सैनिक अलग-अलग घटनाओं में मारे गए।
  • 8 अप्रैल 2026 को एक इतालवी काफिले पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई गई थीं जिसका इटली ने कड़ा विरोध किया।
  • UNIFIL के मुख्यालय और अन्य चौकियों पर लगे निगरानी कैमरों को भी नष्ट किया गया है।