Beirut Attack: इसराइल के हमले में लापता हुई ज़हरा, भाई अली अब भी मलबे में ढूँढ रहा है अपनी बहन

Beirut में इसराइल के हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है. 8 अप्रैल को हुए इन हमलों में कई घर खंडहर बन गए और सैकड़ों लोग मारे गए. इसी बीच अली अब्बूद नाम का एक शख्स पिछले कई दिनों से मलबे में अपनी 26 साल की बहन ज़हरा को तलाश रहा है. यह पूरा मामला अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है.

ज़हरा अब्बूद के साथ क्या हुआ और अब क्या स्थिति है?

ज़हरा अब्बूद अपनी सुरक्षा के लिए दक्षिण लेबनान से बेरूत आई थी और वहां एक अस्थायी घर में रह रही थी. 8 अप्रैल को इसराइल के हमले में यह घर पूरी तरह तबाह हो गया. इस हादसे में ज़हरा के चाचा, चाची और एक इथियोपियाई घरेलू सहायिका की मौत हो गई. उनकी एक बड़ी बहन को मलबे से घायल हालत में निकाला गया, लेकिन ज़हरा अब भी लापता है. अली अब्बूद 18 अप्रैल तक मलबे में अपनी बहन की तलाश कर रहे थे.

लेबनान में इसराइल के हमले और जान-माल का नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 8 अप्रैल के हमलों में कुल 357 लोगों की जान गई और 1,223 लोग घायल हुए. बेरूत के घनी आबादी वाले इलाकों में हुए ये हमले इस संघर्ष के सबसे घातक दिनों में से एक थे. इसराइल के डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने दावा किया कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया और करीब 250 आतंकियों को मारा. हालांकि, कई रिपोर्टों में कहा गया कि रिहायशी इलाकों में हमले बिना किसी चेतावनी के हुए.

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और देशों की इस पर क्या राय है?

संस्था/देश मुख्य प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र (UN) नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की अपील की
मानवाधिकार वॉच 300 से अधिक मौतों और मानवीय सहायता में बाधा की रिपोर्ट दी
ICJ युद्ध अपराधों की जांच की जरूरत बताई
यूरोपीय देश और ऑस्ट्रेलिया हमलों की कड़ी निंदा की और तनाव कम करने को कहा
लेबनान सरकार हमलों को बर्बर बताया और निंदा की