Lebanon Attack: इसराइल ने एम्बुलेंस और फायरट्रक पर दागे बम, दक्षिण लेबनान में मची तबाही, कई लोग मारे गए
दक्षिण लेबनान में इसराइल ने एक बार फिर भीषण हमला किया है। इस हमले में एम्बुलेंस और फायरट्रक जैसे आपातकालीन वाहनों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया। अल जजीरा और लेबनान की समाचार एजेंसी NNA के मुताबिक यह हमला देइर का눈 रस अल-ऐन शहर में हुआ। इस हमले और आस-पास के इलाकों में हुई गोलाबारी से आम लोगों में भारी दहशत फैल गई है।
हमले में कितना नुकसान हुआ और कहाँ हुए धमाके
10 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों में भारी तबाही हुई। मिडिल ईस्ट मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण लेबनान में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई। इसमें ज़रियाये और अब्बासीये शहरों पर हुए हमले शामिल हैं, जहाँ महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग मारे गए। इससे पहले 8 अप्रैल को भी 100 से ज्यादा हमले हुए थे, जिनमें 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और एक अहम पुल को भी नुकसान पहुँचाया गया।
इसराइल और लेबनान का इस पर क्या कहना है
इसराइल का दावा है कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह और हमास के ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसराइल ने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस का इस्तेमाल सैन्य कामों के लिए किया जा रहा है, लेकिन लेबनान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। वहीं संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इस तबाही को भयानक बताते हुए तुरंत जांच की मांग की है।
सीजफायर और युद्ध की मौजूदा स्थिति
अमेरिका और ईरान के बीच एक सीजफायर समझौता हुआ है, लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन स्वतंत्र रूप से जारी रहेंगे। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि इस समझौते में लेबनान भी शामिल था। इस खींचतान के बीच आम नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।




