लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइल ने एक अस्पताल के पास जोरदार हमला किया है। इस हमले में कई इमारतें और इमरजेंसी गाड़ियां पूरी तरह तबाह हो गई हैं। यह हमला पिछले दो दिनों से लगातार जारी है जिससे वहां के मेडिकल सिस्टम की हालत काफी खराब हो गई है। आम लोग और मरीज इस समय सबसे ज्यादा मुश्किल में हैं।

हमले में कितना नुकसान हुआ और कौन लोग प्रभावित हुए?

इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के टिबनीन (Tibnin) इलाके में मौजूद आखिरी मेडिकल सेंटर के आसपास निशाना बनाया। इससे पहले 15 अप्रैल को मयफदौन गांव में हुए हमलों में चार बचाव कर्मी मारे गए और छह अन्य घायल हो गए। इन मरने वालों में इस्लामिक हेल्थ कमेटी और नबातिये इमरजेंसी सर्विसेज के लोग शामिल थे। इसराइल ने 24 घंटों के भीतर हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर भी हमले किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और अधिकारियों ने क्या कहा?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस ने अस्पताल के पास हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा की मांग की। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी इन हमलों की निंदा की और कहा कि नागरिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने साफ किया कि अस्पतालों और मरीजों पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।

वर्तमान स्थिति और कूटनीतिक प्रयास क्या हैं?

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में एक बफर जोन बनाने का आदेश दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल और लेबनान के नेताओं के बीच बातचीत की संभावना जताई है, हालांकि लेबनान की सरकार ने अभी ऐसी किसी योजना से इनकार किया है। इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच यह संघर्ष 2 मार्च 2026 से चल रहा है।

तारीख घटना
2 मार्च 2026 इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष शुरू हुआ
12 और 14 अप्रैल 2026 तेबनीन सरकारी अस्पताल के पास हमले हुए, 11 कर्मचारी घायल हुए
15 अप्रैल 2026 मयफदौन गांव में हमले, 4 बचाव कर्मी मारे गए और 6 घायल हुए
16 अप्रैल 2026 टिबनीन मेडिकल सुविधा के पास दूसरे दिन भी हमले जारी रहे