दक्षिण लेबनान में इसराइल ने एक बार फिर बड़ा हमला किया है। इस हमले में चार पैरामेडिक्स की जान चली गई। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यह एक ‘ट्रिपल-टैप’ स्ट्राइक थी जिसमें घायल लोगों की मदद करने पहुँचे स्वास्थ्य कर्मियों को निशाना बनाया गया।

हमले में कितना नुकसान हुआ और कहाँ हुआ हमला?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नबातिये जिले के मयफादौने शहर में इसराइल ने तीन बार लगातार हमला किया। इस घटना में तीन पैरामेडिक्स की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए, जबकि एक स्वास्थ्य कर्मी अब भी लापता है। वहीं दूसरी रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण लेबनान के कद्मुस इलाके में एक रेड के बाद चार पैरामेडिक्स के शव बरामद किए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे एक बड़ा अपराध बताया है।

इसराइल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या कहा?

इसराइल के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़मीर ने ऐलान किया कि दक्षिण लेबनान में लिटानी नदी तक के इलाके को ‘हिजबुल्लाह टेररिस्ट किल ज़ोन’ में बदल दिया गया है। इसराइल ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने 200 से ज़्यादा लक्ष्यों पर हमला किया। दूसरी तरफ, UN, WHO और रेड क्रॉस जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। इन संस्थाओं ने साफ कहा कि युद्ध के दौरान भी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।

लेबनान में स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों का पूरा हिसाब

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़े बताते हैं कि सैन्य हमलों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी असर पड़ा है।

विवरण आंकड़े
कुल मारे गए स्वास्थ्य कर्मी 88
घायल स्वास्थ्य कर्मी 195
बचाव संस्थाओं पर हमले 116
निशाना बने मेडिकल केंद्र 25

इस घटना से पहले 12 अप्रैल को भी हसन बदवी नाम के एक पैरामेडिक की ड्रोन हमले में मौत हुई थी। लेबनान ने इसराइल के हवाई हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत भी दर्ज कराई है।