तेहरान में रात भर चले हमलों के दौरान एक प्राचीन यहूदी इबादतगाह को काफी नुकसान पहुँचा है। इसराइल की सेना ने इस पर अफ़सोस जताते हुए कहा है कि यह एक अनचाहा नुकसान था। इसराइली सेना का दावा है कि उनका लक्ष्य ईरान की सेना का एक बड़ा कमांडर था, लेकिन गलती से पास में बना यह सिनेगॉग इसकी चपेट में आ गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और भी ज़्यादा बढ़ गया है।

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हमले में क्या नुकसान हुआ और इसराइल ने क्या कहा?

तेहरान में मौजूद Rafi-Nia Synagogue को इस हमले में बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचा है। ईरान के यहूदी समुदाय के प्रतिनिधि Homayoun Sameh ने बताया कि यह ऐतिहासिक सिनेगॉग पूरी तरह तबाह हो गया है और इसके पवित्र ग्रंथ मलबे के नीचे दब गए हैं। दूसरी तरफ इसराइली सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे धार्मिक स्थलों को निशाना नहीं बनाते हैं। उन्होंने बताया कि निशाना खातम अल-अंबिया का एक टॉप कमांडर था और सिनेगॉग को पहुँचा नुकसान एक दुखद हादसा है।

घटना से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां और ईरान का रुख

  • ईरान ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है।
  • हमले के वक्त इलाके में भारी तबाही हुई और कई जगहों पर मलबे में धार्मिक किताबें बिखरी देखी गईं।
  • मलबे में दबी पवित्र किताबों और धार्मिक चीजों को निकालने का काम जारी है।
  • इसराइल ने दावा किया है कि उन्होंने हमले में सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया था ताकि नागरिक नुकसान कम हो।
  • ईरान के अन्य शहरों जैसे काशान और अल्बोरज़ में भी अलग-अलग हमलों में नुकसान की खबरें आई हैं।
  • प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि ईरान आम लोगों पर मिसाइल दागता है जबकि इसराइल केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com