Hezbollah के हमले में 4 इसराइली सैनिकों की मौत के बाद इसराइल ने लेबनान में फिर से भारी हमले शुरू कर दिए हैं। इस घटना के बाद इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben Gvir ने बहुत कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब पूरी लेबनान को जलना होगा और आतंकवाद को पूरी तरह कुचलना जरूरी है।

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यह पूरा मामला शुक्रवार, 19 जून 2026 का है। Hezbollah ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हमला किया जिसमें 4 इसराइली सैनिक मारे गए। मरने वालों में 401st ब्रिगेड की 52nd बटालियन के कमांडर Lt. Col. Dor Gedalia Ben Simhon भी शामिल थे। इसके अलावा Kfar Tebnit में एक ड्रोन हमले में 5 सैनिक घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मिनिस्टर्स के कड़े बयान

इस हमले के बाद इसराइल के मंत्रियों ने बहुत आक्रामक रुख अपनाया है। नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben Gvir ने कहा कि अमेरिका की बातों का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन इसराइल दुनिया को यह बता देगा कि उसके बेटों के खून का सौदा नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से सीधे तौर पर कहा कि एक इसराइली माँ के हर आँसू के बदले हज़ार लेबनानी माताओं को रोना होगा।

वहीं, फाइनेंस मिनिस्टर Bezalel Smotrich ने भी इसी तरह की बात कही और कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए आक्रामक होना जरूरी है।

जमीनी हालात और नुकसान

इसराइल की वायुसेना ने लेबनान की Bekaa Valley में Hezbollah के ठिकानों पर हमले किए हैं। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (NNA) के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के Al-Sharqiyah, Harouf और Kfar Sir इलाकों में हुए हमलों में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं।

लेबनान में चल रहे इस सैन्य अभियान के अब तक के आंकड़े काफी डराने वाले हैं:

  • कुल मौतें: 3,912
  • कुल घायल: 11,873
  • विस्थापित लोग: 10 लाख से ज्यादा

डिप्लोमेटिक बातचीत पर असर

यह तनाव उस समय बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ था ताकि Hezbollah और इसराइल के बीच लड़ाई रुक सके और लेबनान की संप्रभुता बनी रहे। लेकिन इन हमलों के बाद स्विट्जरलैंड में चल रही US-Iran बातचीत को अचानक बंद कर दिया गया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि जब तक जरूरत होगी, इसराइल लेबनान के बफर जोन में तैनात रहेगा और अभी वहाँ से हटने का कोई इरादा नहीं है।