इसराइल ने लेबनान पर किया भीषण हमला, अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर मंडराया संकट, EU ने जारी की चेतावनी.
अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए युद्धविराम को अभी 48 घंटे भी नहीं हुए थे कि इसराइल के हमलों ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। इसराइल ने लेबनान में भीषण बमबारी की है जिससे सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने साफ कहा है कि इसराइल की यह कार्रवाई शांति समझौते को खतरे में डाल रही है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि इससे समुद्री रास्ते और व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है।
🚨: इसराइल ने लेबनान और बेरूत पर किए भीषण हवाई हमले, 250 से ज़्यादा की मौत, खाड़ी देशों में भारी तनाव.।
इसराइल के हमलों से क्या-क्या नुकसान हुआ और कौन से बड़े नेता क्या बोले?
लेबनान में हुए इन हमलों के बाद स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। अलग-अलग देशों के नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और शांति बनाए रखने की अपील की है:
- इसराइल का रुख: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है और वे हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेंगे।
- यूरोपीय संघ की चेतावनी: काजा कलास ने कहा कि अपनी सुरक्षा करने के नाम पर इस तरह की भारी तबाही मचाना सही नहीं है और हिजबुल्लाह को भी हथियार छोड़ देने चाहिए।
- संयुक्त राष्ट्र (UN): महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमलों की निंदा की और कहा कि इससे शांति की कोशिशों को गहरा धक्का लगा है और युद्धविराम टूटने का खतरा है।
- मध्यस्थ देशों की राय: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि युद्धविराम लेबनान सहित हर जगह लागू होना चाहिए और सभी को इसका पालन करना चाहिए।
युद्धविराम और समुद्री रास्तों पर मौजूदा स्थिति क्या है?
7 अप्रैल 2026 को हुए समझौते के बाद जो उम्मीद जगी थी, वह अब धुंधली पड़ती दिख रही है। इस घटनाक्रम से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| युद्धविराम की शुरुआत | 7 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का समझौता हुआ था। |
| इसराइली हमले | 8 और 9 अप्रैल को लेबनान के रिहायशी इलाकों और बेरुत पर बमबारी हुई। | ईरान ने सुरक्षा कारणों से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है। |
| जान-माल का नुकसान | रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 182 से 254 लोगों की मौत हो चुकी है। |
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अगर अमेरिका हमले रोकता है तो वे भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देंगे। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों को बर्बर बताया है और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मदद मांगी है। ब्रिटेन और फ्रांस ने भी इसराइल की कार्रवाई की निंदा करते हुए लेबनान में भी युद्धविराम लागू करने की वकालत की है। व्हाइट हाउस की तरफ से बयान आया है कि वे लेबनान के मुद्दे पर नेतन्याहू से बातचीत जारी रखेंगे।




