लेबनान में हालात और खराब हो गए हैं। इसराइल की सेना ने लेबनान के कई कस्बों, जैसे आयतित, कलविया और कफ़र तेबनित के आसपास के इलाकों में जोरदार हमले किए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका की मदद से दोनों देशों के बीच शांति की बातचीत चलने वाली थी। इस संघर्ष में अब आम नागरिक और राहत केंद्र भी निशाने पर आ रहे हैं।
लेबनान में कहां-कहां हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी इलाकों में भारी तबाही मचाई है। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक आयतित, कलविया और कफ़र तेबनित में हमले हुए। इसके अलावा Tyre में एक रेड क्रॉस सेंटर पर भी हमला हुआ जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। Nabatieh में दो लोग और Shabriha में एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि तीन लोग घायल हुए।
| जगह | नुकसान/अपडेट |
|---|---|
| Tyre | रेड क्रॉस सेंटर पर हमला, 1 मौत |
| Nabatieh | 2 लोगों की मौत |
| Shabriha | 1 मौत, 3 घायल |
| Bint Jbeil | कब्जा करने के लिए सेना का हमला |
| IDF सैनिक | 1 सैनिक की मौत, 3 घायल |
इसराइल की सेना ने बताया कि उन्होंने लेबनान से छोड़े गए 10 से ज्यादा ड्रोन और रॉकेटों को हवा में ही मार गिराया।
क्या बातचीत से रुकेगी जंग और क्या बोले बड़े नेता?
14 अप्रैल को वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल के प्रतिनिधियों के बीच आमने-सामने बैठक होनी थी, जिसे अमेरिका ने आयोजित किया था। लेबनान के विदेश मंत्री युद्ध रोकने के लिए ceasefire की मांग करना चाहते थे।
- हिजबुल्लाह का स्टैंड: नेता नइम कासिम ने इन बातचीत को बेकार बताया और कहा कि वे किसी भी समझौते को नहीं मानेंगे।
- इसराइल का स्टैंड: सरकारी प्रवक्ता शोश बेड्रोसियन और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका मकसद हिजबुल्लाह को निशस्त्र करना और उन्हें लेबनान से हटाना है।
- संयुक्त राष्ट्र: UN मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पहले ही इन हमलों की निंदा की थी और तुरंत युद्ध रोकने की अपील की थी।
