Israel ने सीज़फ़ायर के बाद भी किया हमला, लेबनान के 4 शहरों में दागे मिसाइल, तनाव फिर बढ़ा
लेबनान और Israel के बीच हुए सीज़फ़ायर का असर खत्म होता दिख रहा है। 20 अप्रैल 2026 को Israel ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में बसे चार शहरों पर जोरदार हमला किया। इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और आम लोगों में डर का माहौल है।
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लेबनान में क्या हुआ और किन जगहों पर हमला हुआ?
लेबनान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी NNA ने रिपोर्ट दी कि Israel ने सीज़फ़ायर के बावजूद दक्षिणी सीमा पर हमले किए। Houla इलाके में तोपों से गोलाबारी की गई और Mais al-Jabal के घरों को धमाकों से उड़ा दिया गया। इसके अलावा Deir Seryan और Kunin जैसे कस्बों को भी निशाना बनाया गया। Israel की सेना का कहना है कि उसने Kfarkela इलाके में एक रॉकेट लॉन्चर को खत्म किया क्योंकि उससे खतरा था।
इस हमले से कितना नुकसान हुआ और क्या प्रतिक्रिया आई?
Hezbollah ने दावा किया कि उन्होंने Israel के 4 Merkava टैंकों को तबाह कर दिया। दूसरी तरफ Israel ने माना कि उसके 2 सैनिक मारे गए और 12 घायल हुए। Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने सेना को आदेश दिया है कि वे सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी ताकत से कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने लेबनान के लोगों को चेतावनी दी है कि वे अभी 80 गांवों में वापस न लौटें।
सीज़फ़ायर के नियम क्या थे और अब आगे क्या होगा?
अमेरिका की मदद से 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का सीज़फ़ायर तय हुआ था। इसका मकसद लड़ाई रोकना और बातचीत शुरू करना था। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने अब एक डेलीगेशन को Israel के साथ बातचीत के लिए भेजा है। इस बातचीत का लक्ष्य युद्ध रोकना और लेबनान की सीमा से Israel की सेना को हटाना है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| हमले की तारीख | 20 अप्रैल 2026 |
| निशाना बने शहर | लेबनान के 4 दक्षिणी शहर |
| सीज़फ़ायर की शुरुआत | 16 अप्रैल 2026 |
| मध्यस्थता | अमेरिका (Donald Trump) |
| Israel का नुकसान | 2 सैनिक मृत, 12 घायल |
| Hezbollah का दावा | 4 Merkava टैंक नष्ट |
| नई योजना | Israel द्वारा Buffer Zone बनाना |