इसराइल और लेबनान के बीच युद्ध और तेज़ हो गया है. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के तेफ़ाता शहर पर बड़ा हमला किया है, जिसमें कम से कम 13 लोगों की जान चली गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में हुए हमलों में 90 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जिससे आम लोगों में डर का माहौल है.

लेबनान में हमलों का असर और नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक कुल 2,020 लोग मारे जा चुके हैं. इन मौतों में 165 बच्चे और करीब 250 महिलाएं शामिल हैं. 12 अप्रैल को भी दक्षिणी लेबनान के अलग-अलग शहरों में हमले हुए, जिनमें कई आम नागरिक और आपातकालीन कर्मचारी मारे गए.

शहर/इलाका नुकसान/मौतें
तेफ़ाता (Tefahta) 13 लोग मारे गए
Toul 3 लोग मारे गए
Kfar Sir 3 लोग मारे गए
Zefta–Nabatieh हाईवे 4 लोग मारे गए
Qsaibeh 1 व्यक्ति मारा गया
कुल (24 घंटे में) 90 से ज़्यादा मौतें
कुल युद्ध मृत्यु दर 2,020 लोग

क्या बातचीत से रुकेगा यह युद्ध?

इसराइल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन में शांति वार्ता होने वाली है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कर दिया है कि जब तक Hezbollah पूरी तरह से हथियार नहीं डालती, तब तक युद्धविराम पर कोई बात नहीं होगी. दूसरी ओर, लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने अपनी अमेरिका यात्रा टाल दी है ताकि वे अपने देश की सुरक्षा देख सकें.

दुनिया भर के देशों और UN की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव António Guterres ने इसराइल के इन हमलों की कड़ी निंदा की है. उनके साथ-साथ यूरोपीय संघ और 60 से ज़्यादा देशों ने भी इस हिंसा पर चिंता जताई है. UN के मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने इन हमलों को भयानक बताया है और कहा है कि इस तरह की तबाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com