Lebanon Strike: इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर किए कई बड़े हमले, सीजफायर के बाद भी तनाव जारी

इसराइली युद्धक विमानों और तोपखाना बलों ने क्षेत्रीय तनाव के बीच 21 अगस्त 2026 को दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में बड़े हमले किए। ये सैन्य कार्रवाई उस समय सामने आई है जब पिछले 17 अप्रैल से सीजफायर लागू है और 26 जून को एक अमेरिकी मध्यस्थता वाला फ्रेमवर्क समझौता भी साइन किया गया था। लेबनानी सरकारी मीडिया के अनुसार, मंसूरी शहर में सुबह 2 बजे के बाद तेज धमाके सुने गए, जबकि अली अल-ताहर पहाड़ी पर भारी एयरस्ट्राइक और गोलाबारी की गई।
लेबनानी नागरिकों को हो रहा है भारी नुकसान
इसराइली सेना ने बिंत जबील जिले के हदाथा और अल-तीरी में भी धमाके किए, साथ ही अर्नौन और केफर तिबनिट के बीच एक बड़ा दो चरणों वाला विस्फोट हुआ। इसराइली बलों ने मयफादौन से जौतार अल-शारकिया की ओर जाने वाले इलाकों को भी तोपखाने से निशाना बनाया। इसके अलावा, युद्धक विमानों ने टायर के ऊपर मॉक एयर रेड किए। इसराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने अलग से पुष्टि की कि उन्होंने सुरक्षा क्षेत्र के भीतर संदिग्ध खतरों की पहचान करने के बाद बराशित इलाके में एक इमारत को निशाना बनाया।
हालांकि 21 अगस्त के इन हमलों में तुरंत किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली, लेकिन लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च 2026 से जारी शत्रुता के कारण 4,346 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 12,301 लोग घायल हुए हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं। अमेरिकी समर्थन वाला यह फ्रेमवर्क समझौता अभी भी ठप पड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य इसराइली सैनिकों की क्रमिक वापसी और लेबनानी सेना की तैनाती को सुनिश्चित करना था।
कूटनीतिक समाधान और कड़े रुख की तलाश
लेबनानी उप प्रधानमंत्री तारेक मित्री ने आरोप लगाया कि इसराइल दक्षिणी पायलट क्षेत्रों में लेबनानी सेना की तैनाती का समर्थन करने वाली अंतरराष्ट्रीय सहायता में सक्रिय रूप से बाधा डाल रहा है। लेबनानी नेतृत्व अभी भी कूटनीतिक समाधान के लिए जोर दे रहा है। राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने वेटिकन अधिकारियों और पोप लियो XIV के साथ अपनी हालिया बैठक के दौरान फ्रेमवर्क समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन, इसराइली शत्रुता को रोकने और इसराइली सेना की पूरी तरह से वापसी की मांग की। उन्होंने कहा कि देश के पास युद्ध और शांति के फैसलों पर विशेष अधिकार होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नواف सलाम ने भी इन बातों का समर्थन किया और जोर देकर कहा कि संप्रभुता के लिए एक अकेली और एकजुट लेबनानी सेना की जरूरत है। इस बीच, ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दोलाही रहीम अब्दोलाही ने उभरते खतरों को लेकर एक विनाशकारी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। क्षेत्रीय स्तर पर जारी इन हमलों और बयानों से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।