Israel Strikes Syria: सीरिया के सैन्य अड्डे पर इसराइल का हमला, तुर्की की सैन्य मौजूदगी रोकने की दी चेतावनी।

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि इसराइली सेना ने सीरिया के एक सैन्य अड्डे पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश सीरिया में तुर्की की सेना की बढ़ती हुई मौजूदगी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। इस हमले के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है और अधिकारियों का कहना है कि सीरिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं जिससे उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
इसराइल ने किए आठ हवाई हमले
मिली जानकारी के मुताबिक, इसराइल ने 18 अगस्त 2026 को सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित Abu al-Duhur सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए कुल आठ हवाई हमले किए। शुरुआती diplomatic चेतावनी पर जब कोई ध्यान नहीं दिया गया, तब जाकर इसराइल ने यह सैन्य कार्रवाई की। इस हमले की वजह से हवाई अड्डे के रनवे और हैंगर को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सीरिया एक बड़े सुरक्षा समझौते को तोड़ने की कगार पर था क्योंकि वहां तुर्की के सैनिकों को तैनात किए जाने की तैयारी चल रही थी। इसके अलावा इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश को क्षेत्र के खतरनाक कारनामों में धकेल रहे हैं।
तुर्की और सीरिया का कड़ा रुख
दूसरी तरफ, तुर्की के अधिकारियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि अबू अल-धुहूर में उनकी कोई भी सैन्य मौजूदगी या बेस बनाने की योजना नहीं है। तुर्की के प्रेसिडेंशियल कम्युनिकेशन निदेशालय ने इसराइल के इन दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद और फालतू बताया है। उनका कहना है कि इसराइल इस तरह के झूठे आरोप लगाकर गैरकानूनी हवाई हमलों और इलाके में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह सैन्य अड्डा पूरी तरह से सीरिया के नियंत्रण में है और वहां तुर्की के लोगों का आना-जाना केवल ट्रेनिंग और आपसी सहयोग तक ही सीमित था। दमिश्क सरकार ने हमले से पहले ही इसराइल को यह भरोसा दिलाया था कि वहां कोई भी तुर्की का बेस नहीं बन रहा है। इस पूरी घटना की अधिक जानकारी आप Uniindia News पर देख सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जताई गई चिंता
इस ताजा हमले के बाद पूरी दुनिया के कई देशों ने अपनी चिंता जाहिर की है। तुर्की में अमेरिका के राजदूत और सीरिया के लिए विशेष दूत Tom Barrack ने इन हमलों को एक फालतू का तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय सभी संबंधित देशों के बीच बातचीत कराने और शांति बनाए रखने के लिए काम कर रहा है। ब्रिटेन के सीरिया मामलों के प्रतिनिधि Barrie Peach और जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने भी आगे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई है। इसराइल के भीतर भी इस ऑपरेशन को लेकर विरोध देखने को मिला है जहां विपक्षी नेता Yair Golan ने इसे एक भड़काने वाला कदम बताया है। जानकारों का यह भी मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए घरेलू राजनीतिक दबाव के कारण यह बयानबाजी और तेज हो गई है।