इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बुधवार 25 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में दो अहम नौसैनिक क्रूज मिसाइल उत्पादन केंद्रों पर बड़ा हमला किया। इज़राइल की सेना का कहना है कि इन फैक्ट्रियों का इस्तेमाल ईरान लंबी दूरी की ऐसी मिसाइलें बनाने के लिए कर रहा था जो समुद्र और ज़मीन पर तेज़ी से तबाही मचा सकती हैं। ऑपरेशन रोरिंग लायन (Operation Roaring Lion) के तहत इज़राइल अब तक ईरान में 3000 से ज़्यादा हवाई हमले कर चुका है, जिससे वहां के सैन्य ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।

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इज़राइली हमलों से ईरान में अब तक कितनी हुई तबाही?

इज़राइल की सेना ने तेहरान के अलावा इस्फ़हान (Isfahan) में स्थित ईरान की मुख्य विस्फोटक निर्माण इकाई पर भी हमला किया है। 24 मार्च 2026 को इज़राइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान के 50 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को तबाह किया गया है। तेहरान के रिहायशी इलाकों में भी धमाकों की खबरें हैं, जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान गई है और दर्जनों घायल हुए हैं। इज़राइल के रक्षा मंत्री ने साफ किया है कि उनकी सेना पूरी ताकत के साथ हमले जारी रखेगी।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर युद्ध का क्या पड़ा असर?

ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे इस युद्ध का असर अब पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा करने वालों की चिंता बढ़ गई है। 25 मार्च को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ड्रोन ने ईंधन टैंक को निशाना बनाया, जिससे वहां की हवाई सेवाओं पर असर पड़ा है। इसके अलावा ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलना शुरू कर दिया है। बहरीन, सऊदी अरब और यूएई ने भी अपने क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन के खतरों की रिपोर्ट दी है।

तारीख और घटना मुख्य विवरण
28 फरवरी 2026 इज़राइल की ओर से ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ शुरू हुआ
24 मार्च 2026 इज़राइल ने ईरान के 50 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बम गिराए
25 मार्च 2026 कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ
25 मार्च 2026 तेहरान में मिसाइल फैक्ट्री पर IDF का सटीक हमला
23 मार्च 2026 ईरान ने समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया