लेबनान के दक्षिणी इलाके में एकमात्र चालू अस्पताल, Tibnin Governmental Hospital, इसराइल की सेना के निशाने पर आ गया है. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अस्पताल पर एक के बाद एक कई हमले किए गए हैं. इसे ‘ट्रिपल टैप’ अटैक कहा जा रहा है, जिसमें पहले हमला किया जाता है और फिर मदद के लिए आने वाली एम्बुलेंस और कर्मियों को दोबारा निशाना बनाया जाता है.

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अस्पताल पर हुए हमलों का पूरा मामला क्या है?

इसराइल की सेना ने इस हफ्ते तिबनीन हॉस्पिटल पर कई बार हमले किए. बुधवार रात और गुरुवार को हुए हमलों में अस्पताल का इमरजेंसी डिपार्टमेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वहां काम करने वाले स्टाफ को चोटें आईं. इससे पहले 12 और 14 अप्रैल को भी हमले हुए थे, जिनमें 11 कर्मचारी घायल हुए थे. मेफदौन इलाके में हुए एक ‘ट्रिपल टैप’ हमले में तीन मेडिकल कर्मी मारे गए और छह अन्य घायल हुए, जब वे पिछले हमले के घायलों को बचाने पहुंचे थे.

स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले का ब्यौरा

विवरण आंकड़े (मार्च 2 से अब तक)
कुल हमले (WHO रिकॉर्ड) 133
कुल मौतें 88
कुल घायल 206
मारे गए स्वास्थ्य कर्मी 91

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और अधिकारियों ने क्या कहा?

WHO के चीफ टेड्रोस अडानोम गेब्रेयेसस ने इन हमलों की निंदा की और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा की मांग की. ICRC ने अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में हुए भारी नुकसान की पुष्टि की है. लेबनान के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. फिरास अबियाद ने बताया कि यह अस्पताल दक्षिणी क्षेत्र का एकमात्र चालू केंद्र था. वहीं, UNICEF के अधिकारी एलियास डियाब ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है ताकि बच्चों और मरीजों को मानवीय मदद मिल सके. Amnesty International ने कहा कि मेडिकल सुविधाओं के सैन्य इस्तेमाल के दावों का कोई सबूत नहीं मिला है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.