इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। अब इजरायल का मुख्य उद्देश्य केवल सैन्य लक्ष्यों को पूरा करना है, न कि वहां की सरकार को पूरी तरह से गिराना। इस खबर के बाद खाड़ी देशों और वहां रहने वाले भारतीयों के बीच सुरक्षा और तेल की कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इजरायली डिफेंस अधिकारियों का मानना है कि सैन्य मिशन लगभग पूरे हो चुके हैं और अब युद्ध को लंबा खींचना सही नहीं होगा।

इजरायल की रणनीति में बदलाव का क्या है मुख्य कारण?

वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों के अनुसार, वे एक ऐसी ‘Exit Strategy’ यानी युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता देख रहे हैं जिसमें ईरान के शासन को पूरी तरह खत्म करना जरूरी नहीं है। सैन्य जानकारों का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया जा चुका है। इजरायल अब लंबे समय तक चलने वाले जमीनी युद्ध के जोखिमों से बचना चाहता है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी तरह जीत की बात कही है, लेकिन उनकी सरकार भी युद्ध के आर्थिक बोझ को लेकर सोच-विचार कर रही है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और तेल की कीमतों पर क्या होगा असर?

इस तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है। इससे आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल महंगा हो सकता है। सऊदी अरब और तुर्की में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

क्षेत्र/देश ताजा अपडेट और बड़ा असर
सऊदी अरब और तुर्की अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी स्टाफ को रियाद और अदाना से निकलने का आदेश दिया है।
ईरान नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने मिसाइल हमले शुरू किए हैं।
तेल की कीमतें कच्चा तेल 114 डॉलर प्रति बैरल हुआ, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।
NATO सुरक्षा ईरान की ओर से तुर्की की तरफ दागी गई मिसाइल को NATO ने बीच में ही मार गिराया।

सऊदी अरब का रुख और वर्तमान स्थिति

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने पहले ही ईरान को चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी देशों के तेल क्षेत्रों पर हमले जारी रहे तो ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हाल ही में शायबाह तेल क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है। वहीं ईरान का कहना है कि जब तक उसके देश पर हमले बंद नहीं होते, तब तक किसी भी तरह की बातचीत या सीजफायर मुमकिन नहीं है। खाड़ी में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह समय सतर्क रहने का है क्योंकि फ्लाइट्स और सुरक्षा नियमों में बदलाव हो सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.