Israel Lebanon War Update: इसराइल ने लेबनान की लितानी नदी पर तोड़े 9 बड़े पुल, दक्षिणी हिस्से का देश से संपर्क हुआ मुश्किल
ह्युमन राइट्स वॉच (HRW) ने अपनी नई रिपोर्ट में खुलासा किया है कि इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में बहने वाली लितानी नदी के ऊपर बने लगभग सभी मुख्य पुलों को योजनाबद्ध तरीके से तबाह कर दिया है। 12 मार्च से 8 अप्रैल 2026 के बीच हुए इन हमलों की वजह से अब दक्षिणी लेबनान के लोगों का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क लगभग पूरी तरह कट गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इन हमलों पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे मानवीय सहायता पहुंचाने में भारी रुकावट आ रही है।
पुलों को तबाह करने के पीछे क्या है मुख्य वजह?
इसराइल के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को सही ठहराते हुए कहा है कि हिजबुल्लाह इन पुलों का इस्तेमाल हथियारों और लड़ाकों की आवाजाही के लिए कर रहा था। इसराइली सरकार का कहना है कि उनका मकसद लितानी नदी तक एक सुरक्षित क्षेत्र बनाना है ताकि लेबनान से होने वाले हमलों को रोका जा सके। वहीं दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि नागरिक संपत्तियों को इस तरह निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है क्योंकि इससे आम जनता को भारी नुकसान पहुंचता है।
हमलों और तबाही से जुड़ी कुछ बड़ी बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमलों की समय सीमा | 12 मार्च से 8 अप्रैल 2026 तक |
| नष्ट किए गए पुल | लितानी नदी पर बने 9 मुख्य पुल |
| ताजा स्थिति | कास्मिया (Qasmieh) पुल आखिरी रास्ता था जिसे अब बंद कर दिया गया है |
| मानवीय नुकसान | 8 अप्रैल के हमलों में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई |
आम नागरिकों और यातायात पर क्या पड़ेगा असर?
लेबनान की सेना ने सुरक्षा कारणों से आखिरी बचे हुए मुख्य पुल को भी 9 अप्रैल को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। ह्युमन राइट्स वॉच के शोधकर्ता रामजी कैस के मुताबिक इन हमलों की सबसे बड़ी कीमत वहां के आम नागरिक चुका रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के ओसीएचए (OCHA) विभाग ने रिपोर्ट दी है कि पुलों के टूटने से दक्षिणी लेबनान में फंसे लोगों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाना मुश्किल हो गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल न्यूज एजेंसी ने भी इस बुनियादी ढांचे की तबाही पर गहरी नाराजगी जाहिर की है।




