इज़राइल की सेना Israel Defense Forces (IDF) ने 30 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान में दर्जनों हथियार बनाने वाली जगहों को निशाना बनाया है। पिछले दो दिनों के भीतर तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में लगभग 40 हथियार उत्पादन और रिसर्च केंद्रों पर जोरदार हमले किए गए हैं। इन हमलों में इज़राइली वायुसेना ने 80 से ज्यादा बम गिराए हैं। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को नष्ट करने के लिए की गई है।

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इज़राइल ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?

इज़राइली सेना ने उन खास जगहों को चुना जहाँ लंबी दूरी की मिसाइलें और आधुनिक युद्ध उपकरण तैयार किए जाते थे। हमलों की जानकारी कुछ इस प्रकार है:

  • लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को असेंबल करने वाली फैक्ट्रियां।
  • एंटी-टैंक और छोटे विमान भेदी मिसाइलों के पुर्जे बनाने वाले केंद्र।
  • बैलिस्टिक मिसाइल के इंजन बनाने और उन पर रिसर्च करने वाले बड़े कॉम्प्लेक्स।
  • तेहरान के पास स्थित कई महत्वपूर्ण सैन्य रिसर्च लैब और स्टोरेज साइट्स।

ब्रिगेडियर जनरल एफि डेफरिन ने कहा कि इज़राइल अपने लक्ष्यों को पूरा करने तक ईरान और लेबनान में अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। सेना हर दिन नए ठिकानों की पहचान कर रही है ताकि दुश्मन की सैन्य सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।

ईरान और अमेरिका की ओर से आई कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर ज़मीनी हमला करने की कोशिश की गई, तो उसका जवाब बहुत भयानक होगा। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी है।

इकाई का नाम मुख्य अपडेट
US Secretary of State मार्को रूबियो ने कहा कि लक्ष्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और नौसेना को नष्ट करना है।
Human Rights Watch रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने इज़राइल पर क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल किया है।
United Nations दक्षिणी लेबनान में एक धमाके के दौरान एक UN शांति सैनिक की मौत हो गई।
Iran Parliament किसी भी तरह के विदेशी ज़मीनी हस्तक्षेप पर कड़े जवाब की चेतावनी दी।

अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी 2026 के अंत से ईरानी शासन के खिलाफ मिलकर सैन्य अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य बुनियादी ढांचे को खत्म करना बताया जा रहा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.