इसराइल के Tel Aviv शहर में बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और युद्ध को तुरंत खत्म करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर भारी ताकत और तबाही का सहारा लेने का आरोप लगाया है.

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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

3 मई 2026 को Al Jazeera English की रिपोर्ट के अनुसार, Tel Aviv में लोगों ने युद्ध समाप्त करने की अपील की. इससे पहले 2 मई को Habima Square पर करीब 1,000 लोग इकट्ठा हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने ईरान के साथ युद्ध के तरीके, अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स सैन्य छूट और 7 अक्टूबर के हमलों की विफलता की जांच के लिए आयोग बनाने की मांग की. पूर्व मंत्रियों ने सरकार को आपदा और बर्बादी की सरकार बताया है.

विरोध प्रदर्शन पर क्या हैं सरकारी नियम और अदालत का फैसला?

28 फरवरी 2026 को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने सुरक्षा कारणों से भीड़ पर पाबंदी लगाई थी. शुरुआत में केवल 50 लोगों के जमा होने की अनुमति थी. हालांकि, High Court ने 10 अप्रैल 2026 को फैसला दिया कि विरोध करना एक मौलिक अधिकार है. कोर्ट ने Tel Aviv के Habima Square में 1,000 लोगों और Haifa में 150 लोगों के प्रदर्शन की अनुमति दी. इस मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल Gali Baharav-Miara और सरकार के बीच काफी विवाद हुआ है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Tel Aviv में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?

लोग बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार से युद्ध खत्म करने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी ईरान के साथ युद्ध के तरीके और 7 अक्टूबर की घटनाओं की जांच की मांग कर रहे हैं.

कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों के बारे में क्या कहा है?

High Court ने 10 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाया कि विरोध करना एक बुनियादी अधिकार है. कोर्ट ने Tel Aviv के Habima Square में 1,000 लोगों के जमा होने की अनुमति दी है.