Israel ने दक्षिण Lebanon के लोगों के लिए नई और गंभीर चेतावनी जारी की है। लगभग 22 गांवों के रहने वालों को तुरंत अपना घर छोड़ने को कहा गया है। इस चेतावनी को लोगों तक पहुँचाने के लिए मैसेज, ऑटोमेटेड फोन कॉल, सोशल मीडिया मैप और पर्चों का इस्तेमाल किया गया है।

Israel की चेतावनी और नया प्लान क्या है?

Israel की सेना (IDF) लोगों को Awali नदी के उत्तर की ओर जाने के लिए मजबूर कर रही है। Israel का इरादा बॉर्डर के साथ 10 किलोमीटर चौड़ा एक बफर जोन बनाना है। IDF चीफ ऑफ स्टाफ Eyal Zamir ने साफ कहा कि अभी कोई युद्धविराम (ceasefire) नहीं हुआ है और आतंकवादियों के ठिकानों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन जारी रहेंगे। Israel का दावा है कि Hezbollah ने रिहायशी इलाकों में अपने हथियार और सुरंगें बना रखी हैं, इसलिए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।

लेबनान में हमलों का क्या असर हुआ?

पिछले दो दिनों में Israel ने Hezbollah के करीब 20 ठिकानों और 30 से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह किया है। Borj Qalaouiyeh, Touline और Jibshit जैसे कई कस्बों पर हवाई हमले हुए। Jibshit में हुए हमलों में कुछ आम नागरिकों और एक लेबनानी सैनिक की मौत हुई। वहीं, Hezbollah ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक Israeli Hermes 450 ड्रोन को मार गिराया और Israel के Shomera इलाके पर एक सुसाइड ड्रोन से हमला किया।

मानवीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • भूख का संकट: UN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Lebanon में 12 लाख से ज्यादा लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं।
  • विस्थापन: करीब 1.5 लाख लेबनानी लोग हमलों की वजह से अपने घर छोड़कर कैंपों में रहने को मजबूर हैं।
  • कानूनी सवाल: UN के विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर घर खाली करने के आदेश गाज़ा में अपनाए गए तरीकों जैसे हैं।
  • राजनीतिक स्थिति: लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने सीधी बातचीत से पहले पूर्ण युद्धविराम की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Israel लेबनान के लोगों को घर क्यों छोड़ने के लिए कह रहा है?

Israel बॉर्डर पर 10 किलोमीटर चौड़ा बफर जोन बनाना चाहता है और Hezbollah के ठिकानों को खत्म करने के लिए सैन्य अभियान चला रहा है।

लेबनान में वर्तमान मानवीय स्थिति क्या है?

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 12 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं और करीब 1.5 लाख लोग विस्थापित होकर कैंपों में रह रहे हैं।