इसराइल और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इसराइल ने ईरान पर अपने हमले रोकने का फैसला किया है। हालांकि, इसराइल ने साफ कर दिया है कि वह दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल से लागू संघर्षविराम टूटने के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके बाद अब यह नया मोड़ आया है।

डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इसराइल ने लिया फैसला, क्या है पूरा मामला?

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, दो इसराइली सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि इसराइल ने ट्रंप प्रशासन के अनुरोध को मान लिया है। इसराइली अधिकारियों का मानना है कि तेहरान के साथ सीधे टकराव का मौजूदा दौर अब खत्म हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से तुरंत संघर्षविराम लागू करने की अपील की थी और कहा था कि शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है। ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी जवाबी कार्रवाई न करने का आग्रह किया था।

दक्षिणी लेबनान में हमला जारी रखेगा इसराइल, ईरान ने भी दी चेतावनी

भले ही ईरान के साथ सीधी लड़ाई थम गई हो, लेकिन इसराइल ने स्पष्ट किया है कि दक्षिणी लेबनान में उसके हमले पूरी ताकत से जारी रहेंगे। एक वरिष्ठ इसराइली अधिकारी ने कहा कि अगर इसराइली नागरिकों पर हमले नहीं रुके, तो बेरूत के दहिया इलाके में बमबारी जारी रहेगी। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाइयां स्थगित करने की घोषणा की है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने दक्षिणी लेबनान या बेरूत में हमले जारी रखे, तो वह दोबारा कड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

क्षेत्र में क्यों बिगड़े हालात और यमन के हुतियों का क्या है कदम?

ईरान और इसराइल के बीच 8 अप्रैल से चल रहा दो महीने का संघर्षविराम सोमवार, 8 जून 2026 को टूट गया। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइलें दागीं। इस तनाव के बीच यमन के हुती विद्रोहियों ने भी इसराइल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी और लाल सागर में इसराइली जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाने का ऐलान किया। इस तनाव को देखते हुए इसराइल ने सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं और हाइफा में मरीजों को भूमिगत चिकित्सा केंद्रों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इसराइल और ईरान के बीच युद्ध पूरी तरह से रुक गया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध के बाद इसराइल ने ईरान पर सीधे हमले रोक दिए हैं और इस दौर की लड़ाई को खत्म माना जा रहा है। हालांकि, लेबनान में संघर्ष अब भी जारी है।

ईरान के राष्ट्रपति और सेना का इस पर क्या कहना है?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि उनका देश बातचीत के लिए तैयार है लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में इसराइली हमले जारी रहे, तो वह फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।