इसराइल सरकार ने गज़ा जा रहे एक सहायता जहाज (flotilla) से पकड़े गए दो विदेशी एक्टिविस्ट्स को छोड़ने का फैसला किया है। Thiago Avila और Saif Abukeshek को शनिवार, 9 मई 2026 को रिहा किया जाएगा। रिहाई के बाद इन्हें सीधे इमिग्रेशन अधिकारियों को सौंपा जाएगा ताकि इन्हें वापस इनके देशों में भेजा जा सके।
कौन हैं ये एक्टिविस्ट्स और क्यों हुए थे गिरफ्तार?
पकड़े गए लोगों में Thiago Avila एक ब्राज़ीलियाई पर्यावरण कार्यकर्ता हैं और Saif Abukeshek स्पेन के नागरिक हैं जिनका संबंध फ़िलिस्तीन से है। ये दोनों ‘Global Sumud Flotilla’ नाम की एक मुहिम का हिस्सा थे, जिसका मकसद गज़ा में मदद पहुँचाना था। इसराइल की नेवी ने 30 अप्रैल 2026 को ग्रीस के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इनके जहाज को रोक लिया था और इन्हें पूछताछ के लिए इसराइल ले आया था।
- Thiago Avila: ब्राज़ील के सामाजिक-पर्यावरण कार्यकर्ता।
- Saif Abukeshek: स्पेन के नागरिक और फ़िलिस्तीनी मूल के व्यक्ति।
- कारण: गज़ा को मानवीय सहायता पहुँचाने की कोशिश।
जेल में क्या हुआ और अंतरराष्ट्रीय दबाव क्या रहा?
इन कार्यकर्ताओं ने 1 मई 2026 से अपनी गिरफ्तारी के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। इस दौरान Thiago Avila की माँ का 5 मई को निधन हो गया, लेकिन वे तब भी जेल में ही थे। स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sanchez और विदेश मंत्री José Manuel Albares ने इसराइल पर विदेशी नागरिकों को अगवा करने का आरोप लगाया और उनकी तुरंत रिहाई की माँग की। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार कार्यालय ने भी कहा कि मदद पहुँचाना कोई अपराध नहीं है और इन्हें तुरंत छोड़ा जाना चाहिए।
दूसरी तरफ, इसराइल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये दोनों लोग ‘Popular Conference for Palestinians Abroad’ (PCPA) से जुड़े हैं। अमेरिका और इसराइल का दावा है कि यह समूह हमास के नियंत्रण में काम करता है। इसराइली अदालतों ने कई बार इनकी हिरासत की अवधि बढ़ाई थी, लेकिन अब इन्हें डिपोर्ट करने का फैसला लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इन एक्टिविस्ट्स को कब रिहा किया जाएगा?
इन्हें 9 मई 2026 को रिहा किया जाएगा और इसके तुरंत बाद इमिग्रेशन विभाग इन्हें इनके देशों में वापस भेजने (डिपोर्ट) की कार्रवाई करेगा।
इनकी गिरफ्तारी को लेकर विवाद क्या था?
विवाद इस बात पर था कि इन्हें अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से पकड़ा गया था, जिसे स्पेन और UN ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और अपहरण बताया।