इसराइल और लेबनान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके सैनिक दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के पार चले गए हैं। इस कदम के बाद इलाके में युद्ध की स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है। इसराइली सेना की 36वीं डिवीजन ने रणनीतिक जगहों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और बेरुत व बेका घाटी में भी हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी है।
नेतन्याहू ने क्या कहा और क्या है जमीनी स्थिति
29 मई 2026 को उत्तरी सीमा के दौरे पर पहुंचे इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमारे सैनिकों ने लितानी नदी को पार कर लिया है और वे महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह पर हर एक हमला असल में ईरान के प्रभाव को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। इस बीच, इसराइली सेना ने ऐन काना समेत दक्षिणी लेबनान के कई गांवों के लोगों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया है और वहां हवाई हमले किए जा रहे हैं।
पेंटागन में होगी अहम बैठक और आम लोगों पर असर
तनाव को कम करने के लिए आज अमेरिका के पेंटागन में इसराइल और लेबनान के सैन्य अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक होने वाली है। इस बातचीत का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच बिगड़े हुए युद्धविराम को फिर से पटरी पर लाना है। दूसरी तरफ इस जंग में आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात दिनों में लेबनान में 15 बच्चों की जान गई है और 62 बच्चे घायल हुए हैं। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इसराइली सेना ने लितानी नदी को पार कर लिया है?
हां, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि उनके सैनिक दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के पार पहुंच चुके हैं और वहां अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं।
तनाव को कम करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
इसराइल और लेबनान के सैन्य अधिकारी आज अमेरिका के पेंटागन में एक अहम बैठक करने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य युद्धविराम को लागू कराना और सैन्य तनाव को कम करना है।