संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत Danny Danon ने साफ़ कर दिया है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच हो रही किसी भी कथित बातचीत का हिस्सा नहीं है। इस्राइल ने साफ़ तौर पर कहा है कि वह ईरान में अपने सैन्य हमलों को जारी रखेगा। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता हासिल करने से रोकना है।

ईरान और अमेरिका की बातचीत पर इस्राइल का क्या है स्टैंड?

राजदूत Danny Danon ने बताया कि इस्राइल उन चर्चाओं में शामिल नहीं है जो कथित तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान जैसे देशों में हो रही हैं। इस्राइल अपनी सुरक्षा को लेकर अपनी अलग रणनीति पर काम कर रहा है।

  • बातचीत से दूरी: इस्राइल किसी भी ऐसी बातचीत का भागीदार नहीं है जो उसकी सुरक्षा के साथ समझौता करती हो।
  • सैन्य लक्ष्य: राजदूत के अनुसार इस्राइल और अमेरिका मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखेंगे।
  • सुरक्षा प्राथमिकता: इस्राइल का लक्ष्य है कि भविष्य में किसी भी समझौते से ईरान को परमाणु ताकत न मिले।

ईरान पर हमलों और भविष्य की रणनीति को लेकर क्या कहा?

राजदूत ने जानकारी दी कि अब तक ईरान पर किए गए हमलों से काफी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि अभी सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल नहीं किया गया है। इसलिए आने वाले समय में भी सैन्य कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

इस्राइल ने स्पष्ट किया है कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान के पास कोई भी ऐसी मिसाइल क्षमता न रहे जो भविष्य के लिए खतरा बने। वर्तमान में इस्राइल और US के बीच सैन्य सहयोग बना हुआ है। सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का काम तब तक चलेगा जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम का खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता। राजदूत के इस बयान से साफ़ है कि इस्राइल अपनी सुरक्षा नीतियों में किसी तीसरे पक्ष की दखलंदाज़ी स्वीकार नहीं करेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.