लेबनान के दक्षिण इलाके में इसराइली सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति सैनिकों के साथ बदसलूकी की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल की सेना ने अपने टैंक से UN की गाड़ियों को टक्कर मारी और वहां लगे सुरक्षा कैमरों को तोड़ दिया. इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसराइल की आलोचना हो रही है.

इसराइली सेना ने क्या कार्रवाई की?

12 अप्रैल 2026 को इसराइली सैनिकों ने एक Merkava टैंक का इस्तेमाल करके UNIFIL की गाड़ियों को दो बार टक्कर मारी, जिससे काफी नुकसान हुआ. इसके अलावा, उन्होंने बयादा (Bayada) में सड़क को भी ब्लॉक कर दिया ताकि शांति सैनिक अपनी चौकियों तक न पहुँच सकें. अप्रैल की शुरुआत से ही इसराइली बलों ने UN के मुख्यालय और अन्य पांच जगहों पर लगे सुरक्षा कैमरों को नष्ट कर दिया और खिड़कियों पर स्प्रे पेंट कर दिया ताकि बाहर का न दिखे.

नियमों का उल्लंघन और दुनिया की प्रतिक्रिया

UNIFIL ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन है. इस प्रस्ताव के तहत शांति सैनिकों की सुरक्षा और उनके आने-जाने की आज़ादी ज़रूरी है. इस घटना की वजह से 60 से ज़्यादा देशों और यूरोपीय संघ ने इसराइल की कड़ी निंदा की है. इटली ने भी इस मामले में इसराइल के राजदूत को तलब किया था क्योंकि उनके सैनिकों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई गई थीं.

लेबनान में मौजूदा हालात क्या हैं?

लेबनान और इसराइल के बीच पिछले महीने से तनाव चल रहा है. इस बीच, अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण लेबनान में जारी हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की जान जा चुकी है. UNIFIL ने साफ किया है कि वे अपनी जगह पर डटे रहेंगे और होने वाली हर घटना की निष्पक्ष रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को देते रहेंगे.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.