इजरायल और अमेरिका ने मिलकर रविवार, 1 मार्च 2026 को ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि यह हमला अभी रुकेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा। इस संयुक्त कार्रवाई में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया गया है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है।

48 ईरानी कमांडर और सुप्रीम लीडर की मौत का दावा

इजरायल के ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने ईरान के नेतृत्व पर गहरा प्रहार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान में एक सटीक हमले के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने की खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि हमले के पहले चरण में ही 48 वरिष्ठ ईरानी कमांडर और अधिकारी मारे गए हैं।

इन हमलों में मारे गए बड़े अधिकारियों में ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मौसवी, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादा और आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर शामिल हैं। इसके अलावा, नतंज, इस्फ़हान और अराक में स्थित ईरान के परमाणु ठिकानों और मिसाइल फैक्ट्रियों को भी निशाना बनाया गया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा असर?

इस युद्ध का असर अब सामान्य जनजीवन और खाड़ी देशों में रह रहे लोगों पर भी दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों से दुबई और दोहा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है, जिससे कोरोना महामारी के बाद पहली बार इतनी बड़ी हवाई यात्रा बाधा उत्पन्न हुई है। जो लोग भारत आने-जाने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब उड़ानों के फिर से शुरू होने का इंतजार करना होगा।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, यूएई और कतर में स्थित अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की बात कही है। इसके चलते इन देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बाजार में तेल की कमी न हो, इसके लिए ओपेक प्लस ने तेल उत्पादन बढ़ाने का ऐलान किया है, ताकि पेट्रोल-डीजल के दाम नियंत्रण में रहें।

ईरान का पलटवार और आम नागरिकों का नुकसान

अपने नेताओं की मौत के बाद ईरान ने इजरायल के बेत शेमेश और तेल अवीव शहर पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। बेत शेमेश में हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की जान गई है। वहीं, ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए इजरायली-अमेरिकी हमले में करीब 150 लोगों के मारे जाने की दुखद खबर है।

ईरान में अब एक अस्थायी नेतृत्व परिषद बनाई गई है, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र और पोप ने दोनों पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है ताकि किसी बड़े क्षेत्रीय विनाश को रोका जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.