इसराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी से ईरान पर बड़े हमले शुरू किए थे, जिसे अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ और इसराइल ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ नाम दिया। अब पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम का समझौता हुआ है। हालांकि, इस बीच इसराइल ने लेबनान में भीषण हमले किए हैं जिससे भारी तबाही मची है।

🗞️: Hormuz Strait Update: ईरान का दावा रास्ता खुला है, लेकिन जहाजों को देना होगा पैसा, 800 से ज्यादा जहाज फंसे

ईरान पर हमले और युद्ध विराम का क्या मामला है?

अमेरिका और इसराइल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने के लिए हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमनेई की मौत की खबर आई। इसके जवाब में ईरान ने इसराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। 7-8 अप्रैल के बीच दोनों पक्षों के बीच युद्ध विराम की घोषणा की गई है, लेकिन लेबनान इस समझौते में शामिल है या नहीं, इस पर विवाद जारी है।

लेबनान, गाज़ा और वेस्ट बैंक में कितना नुकसान हुआ?

युद्ध विराम की खबर के बाद भी इसराइल ने 8 अप्रैल को लेबनान में ‘ऑपरेशन एटरनल डार्कनेस’ के तहत बड़े हमले किए। इसमें बेरुत के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे सैकड़ों लोग मारे गए। गाज़ा और वेस्ट बैंक में भी हिंसा जारी रही है।

क्षेत्र नुकसान/हताहत (28 फरवरी के बाद)
लेबनान 182 से 303 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा घायल
गाज़ा स्ट्रिप कम से कम 200 लोगों की मौत
वेस्ट बैंक 22 फ़िलिस्तीनियों की मौत
ईरान सैन्य और नागरिक हताहत, सर्वोच्च नेता की मौत

आगे क्या होगा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?

संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और तुरंत युद्ध रोकने की मांग की है। लेबनान ने 9 अप्रैल को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया। इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि वे लेबनान के साथ युद्ध विराम और हिजबुल्ला के निशस्त्रीकरण पर बातचीत शुरू करेंगे। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि युद्ध विराम का उल्लंघन करने पर उन्हें कड़ा जवाब देना होगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.