इजराइल के डिफेंस मिनिस्टर Israel Katz ने 11 मार्च 2026 को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान (Iran) के खिलाफ अमेरिका (US) और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री कैंपेन बिना किसी समय सीमा के जारी रहेगा. उनका कहना है कि यह हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनके सारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. इस जॉइंट ऑपरेशन का नाम Operation Roaring Lion है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी और तब से इजराइल में स्टेट ऑफ इमरजेंसी लागू है.

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Iran पर हो रहे हमलों का अब तक का अपडेट क्या है?

  • हजारों सैनिकों की मौत: IDF चीफ ऑफ स्टाफ Eyal Zamir के अनुसार 28 फरवरी से लेकर अब तक ईरान के कई हजार सैनिक और कमांडर मारे गए हैं.
  • समुद्री रास्ते पर कार्रवाई: US Central Command (CENTCOM) ने 10 मार्च को Strait of Hormuz के पास 16 ईरानी माइनलेयर्स को नष्ट किया है ताकि ग्लोबल शिपिंग सुरक्षित रहे.
  • हवाई हमले: 9 और 10 मार्च की रात को जॉइंट फोर्सेज ने तेहरान में IRGC Quds Force के हेडक्वार्टर और एक हथियार रिसर्च फैसिलिटी पर सीधे हवाई हमले किए.
  • ईरान और हिजबुल्लाह का पलटवार: ईरान ने 10 मार्च को इजराइल पर तीन मिसाइल अटैक किए. IDF का कहना है कि अब 50 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइलों में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल हो रहा है. वहीं हिजबुल्लाह ने भी एक दिन में 29 हमले किए हैं.

इस जॉइंट ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

डिफेंस मिनिस्टर Israel Katz ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान के वर्तमान शासन की ताकत को पूरी तरह कम करना है. उनका मानना है कि शासन कमजोर होने से वहां की आम जनता खुद आगे आकर मौजूदा लीडरशिप को हटा सकेगी. इस ऑपरेशन से ईरान के अंदरुनी ढांचे पर सीधा प्रहार किया जा रहा है.

अमेरिका की ओर से भी यह साफ कर दिया गया है कि अब इस मामले में कोई बातचीत या नेगोशिएशन नहीं होगा. अमेरिका ने यूएन चार्टर के तहत सेल्फ-डिफेंस का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है. अमेरिका ने मांग रखी है कि ईरान बिना किसी शर्त के पूरी तरह से सरेंडर करे या फिर सत्ता में बदलाव किया जाए.