इसराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने दावा किया कि उन्होंने ईरान के सभी अहम रणनीतिक ठिकानों और क्षमताओं को तबाह कर दिया है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है ताकि वहां से सामान की आवाजाही रोकी जा सके।

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इसराइल और अमेरिका ने क्या चेतावनी दी है?

इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि ईरान इस समय एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपना रास्ता नहीं बदला तो आने वाले हमले पहले से कहीं ज्यादा दर्दनाक होंगे। अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ किया कि अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी तब तक जारी रखेगी जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। अमेरिका ने यह शर्त भी रखी है कि ईरान को अपने परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को छोड़ना होगा।

लेबनान में युद्धविराम और कूटनीतिक कोशिशें

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का ऐलान किया है। उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun को बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और युद्धविराम को 45 दिनों तक बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत Amir Saeid Iravani ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर थोड़ी उम्मीद जताई है।

ईरान संकट की मुख्य जानकारियां

विषय विवरण
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
अमेरिकी कार्रवाई ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी और 29 लक्ष्यों पर प्रतिबंध
लेबनान स्थिति 10 दिनों का युद्धविराम घोषित
ईरान की मांग नाकाबंदी हटाना और नेताओं की हत्या का हिसाब
पाकिस्तान की भूमिका युद्धविराम को 45 दिन बढ़ाने की कोशिश
मुख्य शर्त ईरान से संवर्धित यूरेनियम को हटाना
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.