इसराइल ने लेबनान और सीरिया को जोड़ने वाले मुख्य मसनआ (Masnaa) बॉर्डर क्रॉसिंग पर हवाई हमले करने की सख्त चेतावनी दी है। इसराइली सेना ने शनिवार 4 अप्रैल 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया और लोगों से तुरंत इलाका खाली करने को कहा। लेबनान की सुरक्षा टीमों ने क्रॉसिंग को खाली करना शुरू कर दिया है, जिससे वहां आने-जाने वाले यात्रियों और सामान ले जाने वाले सैकड़ों ट्रकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

इसराइल ने बॉर्डर क्रॉसिंग पर हमले का क्या कारण बताया है?

इसराइली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्रई (Avichay Adraee) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि हिजबुल्लाह इस बॉर्डर का इस्तेमाल सैन्य सामान और हथियारों की तस्करी के लिए कर रहा है। सेना ने चेतावनी के साथ एक नक्शा भी जारी किया है जिसमें मसनआ क्रॉसिंग और बेरुत को जोड़ने वाले M30 हाईवे को खाली करने का निर्देश दिया गया है। इसराइल का कहना है कि वे इन इलाकों को निशाना बनाएंगे क्योंकि इनका इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए हो रहा है।

लेबनान और सीरिया के अधिकारियों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

लेबनान और सीरिया के अधिकारियों ने इसराइल के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह क्रॉसिंग केवल आम नागरिकों और माल ढुलाई के काम आती है। फिलहाल की स्थिति इस प्रकार है:

  • लेबनान के सुरक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि धमकी के बाद मसनआ क्रॉसिंग और वहां के सरकारी डेटाबेस सेंटर को खाली कर दिया गया है।
  • सीरियाई अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस रास्ते से ट्रैफिक को फिलहाल रोक दिया है।
  • लेबनान के लोक निर्माण और परिवहन मंत्री ने पहले भी साफ किया था कि यह एक नागरिक सुविधा है जो सरकार की निगरानी में है।
  • इस रास्ते पर सैकड़ों ट्रक और उनके ड्राइवर फंस गए हैं क्योंकि बॉर्डर पार करने की अनुमति नहीं मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस चेतावनी का क्या मतलब है?

ह्यूमन राइट्स वॉच और रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं ने पहले भी कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हो सकता है। स्पेन ने भी इस तरह की धमकियों की आलोचना की है और कहा है कि नागरिक सुविधाओं को कभी भी सैन्य लक्ष्य नहीं बनाया जाना चाहिए। जो लोग सड़क मार्ग से लेबनान और सीरिया के बीच व्यापार या यात्रा करते हैं, उनके लिए यह रास्ता बंद होना बड़ी परेशानी का सबब बन गया है।