इसराइल ने वेस्ट बैंक में 34 नई बस्तियों को मंजूरी दी है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद शुरू हो गया है। Organisation of Islamic Cooperation (OIC) ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। OIC का कहना है कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन है।

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OIC और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का क्या कहना है?

OIC ने 10 अप्रैल 2026 को एक बयान जारी कर इसराइल के इस फैसले को गलत बताया। उनके अनुसार, यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 का उल्लंघन है। OIC के महासचिव ने साफ किया कि इसराइल का वेस्ट बैंक पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है और वहां की भौगोलिक स्थिति को बदलने वाले सभी कदम शून्य माने जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतों से दो-राष्ट्र समाधान (two-state solution) की उम्मीदें खत्म हो रही हैं।

नई बस्तियों का ब्यौरा और गुप्त मंजूरी की खबर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने अप्रैल की शुरुआत में गुप्त तरीके से इन बस्तियों को मंजूरी दी थी, जिसकी जानकारी 9 अप्रैल को सामने आई। इन बस्तियों से जुड़े मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल नई बस्तियां 34
कानूनी मान्यता मिली पुरानी चौकियां 10
नई बनाई जाने वाली बस्तियां 24
2022 से अब तक कुल मंजूर चौकियां 103
निंदा की तारीख 10 अप्रैल 2026

फिलिस्तीन और अन्य विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

फिलिस्तीनी प्रेसीडेंसी ने इसे एक खतरनाक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह इसराइल की विस्तारवादी योजना का हिस्सा है और दुनिया, खासकर अमेरिका को इसमें दखल देना चाहिए। वहीं, Peace Now संस्था ने बताया कि यह फैसला गुपचुप तरीके से लिया गया। इसराइल के सैन्य प्रमुख एयाल ज़मीर ने भी चिंता जताई थी कि इन बस्तियों की सुरक्षा के लिए सेना पर दबाव बढ़ेगा, जिससे सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है।