इसराइल ने वेस्ट बैंक में 34 नई बस्तियों को मंजूरी दी है, जिसकी वजह से दुनिया भर में विवाद बढ़ गया है। Organisation of Islamic Cooperation (OIC) और European Union (EU) ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। इन संस्थाओं का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदें खत्म हो रही हैं।

OIC और EU ने क्यों जताया विरोध?

OIC ने साफ कहा है कि इसराइल का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है। उनके मुताबिक, इसराइल का वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम पर कोई अधिकार नहीं है, इसलिए वहां बस्तियां बसाने के सभी प्रयास बेकार और अवैध हैं। यूरोपीय संघ (EU) ने भी इसे ‘घोर उल्लंघन’ बताया है और कहा कि इससे दो-राष्ट्र समाधान (two-state solution) को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

बस्तियों को लेकर क्या हैं मुख्य तथ्य?

इज़रायली सरकार ने अप्रैल की शुरुआत में इन 34 नई बस्तियों को गुप्त तरीके से मंजूरी दी थी। Peace Now नाम के एक राइट्स ग्रुप ने इस गुप्त फैसले का खुलासा किया। साल 2022 में जब बेंजामिन नेतन्याहू की राइट-विंग सरकार सत्ता में आई, तब से अब तक कुल 68 से ज्यादा बस्तियों को मंजूरी दी जा चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट और अन्य प्रतिक्रियाएं

जुलाई 2024 में International Court of Justice ने एक राय दी थी कि वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में इसराइल की गतिविधियां गैरकानूनी हैं। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी इस नई योजना को अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। यूरोपीय संघ ने इसराइल से इन फैसलों को वापस लेने और नागरिक हिंसा को रोकने की अपील की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.