इज़राइल ने रविवार को पुष्टि की कि उसकी वायुसेना ने यमन की राजधानी सना पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें राष्ट्रपति भवन वाला सैन्य परिसर, दो पावर स्टेशन और एक ईंधन भंडारण स्थल शामिल हैं।

यह हमला उस समय हुआ जब हौथी-नियंत्रित अल-मसीराह टीवी ने सुबह-सुबह शहर पर इज़राइली हमलों की खबर दी। सना पर यह पहला हमला है 17 अगस्त के बाद, जब इज़राइल ने ऊर्जा से जुड़ी हौथी सुविधाओं पर हमला किया था।

ईरान समर्थित हौथी विद्रोही लगभग दो साल से इज़राइल की ओर मिसाइल और ड्रोन दाग रहे हैं और लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई फिलिस्तीनियों के समर्थन में की जा रही है। हालांकि, इज़राइल की ओर छोड़े गए ज्यादातर प्रक्षेपास्त्र लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक लिए जाते हैं।

इज़राइली एयर फोर्स के एक अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि शुक्रवार रात यमन से दागा गया एक प्रक्षेपास्त्र क्लस्टर बम था। अधिकारी के मुताबिक, हौथियों ने पहली बार 2023 के बाद से इज़राइल पर क्लस्टर हथियार का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हथियारों को रोकना कठिन होता है और यह दर्शाता है कि हौथियों को ईरान से नई तकनीक मिल रही है।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.