Israel New Rule: लेबनान में लगाया ‘येलो लाइन’ का पहरा, 55 गांव हुए अलग, अब वापस नहीं जा सकेंगे लोग
इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में ‘येलो लाइन’ नाम की एक सीमा बना दी है। यह ठीक वैसा ही तरीका है जैसा इसराइल ने गाज़ा में अपनाया था। खास बात यह है कि यह कदम तब उठाया गया जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू था। इस नए नियम से लेबनान के कई इलाकों में हलचल मच गई है।
ℹ️: Iran Drone Stockpile: ईरान के पास अब भी हैं 40% ड्रोन, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दी बड़ी जानकारी।
क्या है यह ‘येलो लाइन’ और इससे लोगों पर क्या असर होगा?
इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के इलाकों को अलग करने के लिए यह लाइन खींची है। इसके कारण वहां के 55 गांवों को पूरी तरह अलग कर दिया गया है। अब इन गांवों में रहने वाले लोगों को वापस अपने घरों में जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कर दिया है कि जिन इलाकों पर उनकी सेना का कब्जा है, वे उसे अपने पास ही रखेंगे।
युद्धविराम के बीच हमले और अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एलान किया था कि इसराइल अब लेबनान पर बमबारी नहीं कर सकता। लेकिन इसराइल का कहना है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हमला कर रहे हैं। इसराइल के मुताबिक, जो भी लड़ाके ‘येलो लाइन’ के पास आएंगे, उन पर हमला किया जाएगा और यह उनके आत्मरक्षा के अधिकार के तहत है। वहीं लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसराइली सेना की वापसी और सीधी बातचीत की मांग की है।
ग्राउंड रिपोर्ट और UNIFIL सैनिक की मौत
18 अप्रैल को दक्षिणी लेबनान के Ghandouriyeh इलाके में एक हमला हुआ। इस हमले में UNIFIL का एक फ्रांसीसी सैनिक मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए। हालांकि हिज़्बुल्लाह ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है। इसराइल ने युद्धविराम के बाद पहली बार हवाई हमले और गोलाबारी की है ताकि इस ‘येलो लाइन’ को सख्ती से लागू किया जा सके।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| नया नियम | दक्षिणी लेबनान में ‘येलो लाइन’ की स्थापना |
| प्रभावित इलाके | 55 लेबनानी गांव अलग हुए |
| युद्धविराम की तारीख | 17 अप्रैल 2026 से लागू |
| अमेरिकी रुख | Donald Trump ने बमबारी पर रोक लगाई |
| इसराइल का तर्क | आत्मरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रहेगी |
| UNIFIL नुकसान | 1 फ्रांसीसी सैनिक की मौत, 3 घायल |
| लेबनान की मांग | सेना की वापसी और कैदियों की रिहाई |