इसराइल और लेबनान के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 4 अप्रैल 2026 को इसराइली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान के दर्जनों शहरों और गांवों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इन हमलों में आम नागरिकों के साथ-साथ राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों को भी निशाना बनाया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,368 हो गई है, जबकि 4,138 से अधिक लोग घायल हुए हैं। टायर (Tyre) शहर और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

लेबनान में हुए हमलों और नुकसान का पूरा विवरण

इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के सिद्दीकीन, बिंत जबील, टायर और नबातीह जैसे प्रमुख इलाकों में भारी बमबारी की है। टायर के अल-हौश इलाके में हुए हमले में 11 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन सिविल डिफेंस के पैरामेडिक्स भी शामिल हैं। हमलों की वजह से लेबनानी-इटालियन अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा है, हालांकि वहां अभी भी इलाज जारी है। इसराइली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (Dahiyeh) में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटरों और ईरान के Quds Force से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है।

हिजबुल्लाह की जवाबी कार्रवाई और UN शांति सैनिकों पर असर

  • हिजबुल्लाह ने भी इसराइल के खिलाफ 38 अलग-अलग सैन्य ऑपरेशन किए हैं, जिनमें रॉकेट और मिसाइल हमले शामिल हैं।
  • ईरान और हिजबुल्लाह की ओर से दागे गए रॉकेट हाइफ़ा और मध्य इसराइल के शहरों तक पहुंचे हैं, जिससे कई जगह आग लगने और नुकसान की खबरें हैं।
  • इंडोनेशिया के तीन UN शांति सैनिक (UNIFIL) बमबारी की चपेट में आकर घायल हुए हैं, जिस पर इंडोनेशिया ने कड़ी नाराजगी जताई है।
  • इसराइली सेना ने टायर शहर के निवासियों को चेतावनी दी है कि वे तुरंत अपने घर खाली कर उत्तर की ओर चले जाएं।

युद्ध से जुड़ी मौजूदा स्थिति और आंकड़े

विवरण ताज़ा जानकारी
कुल मौतें (2 मार्च से) 1,368
कुल घायल 4,138
विस्थापित लोग लगभग 6,00,000
UN सैनिक घायल 3 (इंडोनेशियाई)
प्रभावित शहर Tyre, Beirut, Sidon, Bint Jbeil

लेबनान के रक्षा मंत्री Israel Katz ने स्पष्ट किया है कि जब तक इसराइल के उत्तरी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक विस्थापित लोगों को वापस घर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और प्रस्ताव 1701 को लागू करने की अपील की है ताकि इस हिंसा को रोका जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.