गाजा शहर के बीचों-बीच स्थित अल-मुत्तकीन मस्जिद को 28 जुलाई 2026 को हुए एक इजरायली हवाई हमले में पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका की मध्यस्थता में चल रहा सीजफायर समझौता लागू था। इस हमले ने न केवल मस्जिद को मलबे में तब्दील किया, बल्कि वहां शरण लिए हुए सैकड़ों फिलिस्तीनी परिवारों के टेंट भी नष्ट कर दिए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। इस घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है और 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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हमले के पीछे का कारण और ताजा स्थिति
इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि इस मस्जिद का इस्तेमाल हथियार रखने के लिए किया जा रहा था। सेना के अनुसार, ये हथियार इजरायली सैनिकों और नागरिकों पर हमले के लिए रखे गए थे। वहीं दूसरी ओर, अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों को हमला करने से पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन सुरक्षित निकलने के लिए उन्हें बहुत कम समय दिया गया था।
गाजा के मिनिस्ट्री ऑफ एंडोमेंट्स एंड रिलीजियस अफेयर्स के आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा हमले से पहले ही गाजा में 1,050 मस्जिदें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं और 191 मस्जिदों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। गाजा में कुल 1,275 मस्जिदें थीं। इस बीच, हमास ने मध्यस्थों से अपील की है कि वे इजरायल को समझौते का पालन करने के लिए दबाव डालें। हालात को सुधारने के लिए 26 जुलाई 2026 को इजरायली सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) के प्रवेश को मंजूरी दी थी, लेकिन जमीन पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
